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चीन में खून की तस्करी: गर्भस्थ बच्चे का लिंग जानने के लिए महिलाएं कर रही हैं यह काम

Mon, 14 Oct 2019 01:38 PM IST
Sneha Baluni वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, हांगकांग
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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चीन में इन दिनों कस्टम अधिकारी हवाई अड्डे पर ऐसे लोगों को पकड़ रहे हैं जिनके पास खून से भरी शीशियां बरामद हो रही हैं। तस्करी में लगे लोग अंडर अंतःवस्त्र, बैग और खिलौनों के अंदर खून से भरी शीशियां लेकर आ रहे हैं। हर शीशी पर गर्भवती महिला का नाम लिखा होता है। इन नमूनों के जरिए एडवांस स्टेज में पहुंच चुकी गर्भवती महिला के गर्भस्थ शिशु के लिंग की जांच की जाती है।

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कस्टम अधिकारियों ने ऐसे ही जब अजीब तरीके से चलने वाली अधेड़ उम्र की महिला को देखा तो उन्हें शक हुआ। जांच करने पर पता चला कि उसने अपनी ब्रा के अंदर शीशियां छुपा रखी हैं। यह यात्री 14 जुलाई, 2017 को फ्यूचियन पोर्ट के निरीक्षण कक्ष को पार कर रही थी जो चीन के शहर शेनजेन और हांगकांग की सीमा पर पड़ता है। यह संभवत: पहला ऐसा मामला था।

महिला ने बैग में छुपाए थे खून के नमूने

इस घटना के चार दिन बाद अधिकारियों ने एक अन्य महिला को पकड़ा जो एक भारी भरकम बैग लेकर चल रही थी। इसमें 203 गर्भवती महिलाओं के खून से भरी शीशियां थीं। जिन्हें कि प्लास्टिक के थैले में रखा हुआ था। गर्मी के कारण खून खराब होने लगा था। हांगकांग के अधिकारियों का कहना है कि महिलाओं ने इस बात को स्वीकार किया है कि उन्हें सीमापार इन शीशियों को ले जाने के बदले 14-42 डॉलर मिलते हैं। 

बच्ची के बैग से मिले 142 नमूने

हालिया मामला 2019 में फरवरी को सामने आया। जहां 12 साल की बच्ची को लुओहु बंदरगाह पर रोका गया जोकि हांगकांग में प्रवेश का दूसरा रास्ता है। उसके बैग में 142 खून के नमूने मिले। अधिकारी ने बताया कि सीमापार से छात्र अपने बैग में ज्यादातर किताबें, स्टेशनरी और स्नैक्स के अलावा कुछ नहीं लाते हैं। जिसकी वजह से उनका स्कूल बैग काफी हल्का होता है। लेकिन जब हमने उसका बैग देखा तो वह इतना भरा हुआ था जैसे किसी भी पल फट जाएगा। इसलिए हमने उसे स्कैन किया।

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फेटल डीएनए से लगाया जाता है लिंग का पता

चीन से हांगकांग में खून की तस्करी लिंग जांच के लिए की जाती है। पिछले तीन सालों में इसमें बढ़ोतरी हुई है। इन सैंपल के जरिए खून में मिलने वाले फेटल डीएनए को परीक्षण (टेस्ट) किया जाता है जिसके जरिए होने वाले माता-पिता को अपने बच्चे का लिंग पता चल सकता है। चीन में इस परीक्षण की मांग बहुत ज्यादा है। चीन से बेशक आंशिक तौर पर एक बच्चे वाले कानून को हटा दिया गया लेकिन ज्यादातर जोड़े एक बच्चा ही चाहते हैं। इसी कारण वह चाहते हैं कि उनका बच्चा लड़का ही हो।

बेटे की चाहत में करवातीं है परीक्षण

अपने होने वाले बच्चे के बारे में जानने के इच्छुक चीनी माता-पिता हांगकांग में अपने खून के नमूने जांच के लिए भेजते हैं। माइक्रोब्लॉगिंग साइट वीबो (ट्विटर की तरह) पर हजारों एजेंसियां इस तरह के परीक्षण का ऑफर देती हैं। जांच करने वाली कंपनी के एक सेल्स प्रतिनिधि ने बताया, '6-7 हफ्तों की गर्भवती महिला बच्चे की लिंग जांच करवाना शुरू कर सकती है। महिला अस्पताल जाती हैं या फिर किसी नर्स को घर बुलाकर उससे जांच के लिए खून निकलवा लेती हैं।'
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