फेटल डीएनए से लगाया जाता है लिंग का पता
चीन से हांगकांग में खून की तस्करी लिंग जांच के लिए की जाती है। पिछले तीन सालों में इसमें बढ़ोतरी हुई है। इन सैंपल के जरिए खून में मिलने वाले फेटल डीएनए को परीक्षण (टेस्ट) किया जाता है जिसके जरिए होने वाले माता-पिता को अपने बच्चे का लिंग पता चल सकता है। चीन में इस परीक्षण की मांग बहुत ज्यादा है। चीन से बेशक आंशिक तौर पर एक बच्चे वाले कानून को हटा दिया गया लेकिन ज्यादातर जोड़े एक बच्चा ही चाहते हैं। इसी कारण वह चाहते हैं कि उनका बच्चा लड़का ही हो।
बेटे की चाहत में करवातीं है परीक्षण
अपने होने वाले बच्चे के बारे में जानने के इच्छुक चीनी माता-पिता हांगकांग में अपने खून के नमूने जांच के लिए भेजते हैं। माइक्रोब्लॉगिंग साइट वीबो (ट्विटर की तरह) पर हजारों एजेंसियां इस तरह के परीक्षण का ऑफर देती हैं। जांच करने वाली कंपनी के एक सेल्स प्रतिनिधि ने बताया, '6-7 हफ्तों की गर्भवती महिला बच्चे की लिंग जांच करवाना शुरू कर सकती है। महिला अस्पताल जाती हैं या फिर किसी नर्स को घर बुलाकर उससे जांच के लिए खून निकलवा लेती हैं।'