चीन द्वारा पेश की गई चुनौतियों से लड़ने के लिए अमेरिका ने अपने सहयोगी देशों को साथ आने का आह्वान किया है। अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन ने संयुक्त राज्य अमेरिका और उसके सहयोगियों के बीच स्थापित नियम-आधारित मानकों के आधार पर एक स्वतंत्र और खुली प्रणाली का समर्थन करने के लिए अधिक से अधिक मिलने और बातचीत करने का आह्वान किया।
पेरिस में प्रवक्ता कार्यालय के साथ एक साक्षात्कार में ब्लिंकेन ने कहा, 'मैंने जो देखा है, विशेष रूप से इन पिछले कुछ हफ्तों में, सभी सहयोगी देशों चीन के दृष्टिकोण के संबंध में एक राय रखते हैं और मुझे लगता है कि हम भी इसे उसी तरह देखते हैं।'
चीन पर अमेरिका और उसके सहयोगियों के बीच कथित मतभेद के बारे में विदेश मंत्री ने कहा कि अमेरिका और यूरोपीय देशों के बीच बहुत जटिल संबंध हैं जिसे एक शब्द या एक वाक्य से सरल नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि 'महत्वपूर्ण यह है कि, चाहे वह विरोधी हो, चाहे वह प्रतिस्पर्धी हो, चाहे वह सहकारी हो अगर हम अकेले काम करने के बजाय चीन से एक साथ संपर्क करते हैं तो उसपर बहुत अधिक प्रभाव डालेंगे।'
ब्लिंकेन का यह बयान जी-7 में जारी संयुक्त बयान के रूप में आया है, नाटो ने हांगकांग और शिनजियांग में मानवाधिकारों के उल्लंघन से संबंधित मुद्दों के लिए चीन को फटकार लगाई। हाल के हफ्तों में, अमेरिका और चीन कोविड-19 महामारी की उत्पत्ति सहित कई मुद्दों पर भिड़े हैं।
चीन के संबंध में, ब्लिंकेन ने आगे कहा कि 'संयुक्त राज्य अमेरिका का लक्ष्य चीन को दबाए रखना नहीं है, बल्कि एक स्वतंत्र और खुली प्रणाली का समर्थन करना है जिसे द्वितीय विश्व युद्ध के बाद स्थापित किया गया था।' ब्लिंकेन ने कहा 'क्योंकि अगर हमारे पास ऐसी प्रणाली नहीं है जहां देश उनके द्वारा किए गए समझौतों का सम्मान करते हुए नियमों के अनुसार कार्य करते हैं, तो इसका विकल्प युद्ध है।'
ब्लिंकेन वर्तमान में शीर्ष इतालवी नेताओं, पोप फ्रांसिस, 20 नेताओं के समूह और मंत्री स्तर के अधिकारियों के साथ बैठक के लिए यूरोपीय देशों की बहुराष्ट्रीय यात्रा पर हैं।