यमन के दक्षिणी शहर अदन के हवाई अड्डे पर बुधवार को भीषण धमाका हुआ। धमाका नव गठित कैबिनेट के सदस्यों को लेकर आए विमान के उतरने के कुछ देर बाद हुआ। इसकी चपेट में आकर 22 लोगों की मौत हो गई जबकि 60 लोग घायल हुए हैं। धमाके की वजह की जानकारी नहीं मिली और न किसी संगठन ने जिम्मेदारी ली है।
घटनास्थल के फुटेज में दिख रहा है कि सरकारी प्रतिनिधिमंडल के विमान से बाहर आते ही धमाका हुआ। सरकारी विमान में सवार कोई व्यक्ति हताहत नहीं हुआ और कई मंत्रियों को वापस विमान में सवार होते हुए देखा गया। विमान में सवार यमन के संचार मंत्री नजीब अल अवग ने बताया, उन्होंने दो धमाकों की आवाज सुनी और ऐसा लगा कि ड्रोन हमला है। यमन के प्रधानमंत्री मईन अब्दुल मलिक सईद और अन्य को धमाके के बाद तुरंत हवाई अड्डे से मशिक पैलेस ले जाया गया।
उन्होंने बताया, अगर विमान पर बमबारी होती तो विनाशक होता। घटनास्थल पर हवाई अड्डे के भवन के आसपास मलबा एवं टूटे हुए शीशे पड़े दिखे और कम से कम दो शव वहां पड़े हुए थे जिनमें एक शव जला हुआ था। एजेंसी
उल्लेखनीय है कि प्रतिद्वंद्वी दक्षिणी अलगाववादियों के साथ समझौते के बाद मंत्रिमंडल में फेरबदल होने और पिछले हफ्ते शपथ ग्रहण करने के बाद प्रधानमंत्री मईन अब्दुल मलिक सईद के नेतृत्व में मंत्री अदन लौट रहे थे। बता दें कि देश में वर्षों तक चले गृह युद्ध के दौरान यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार सऊदी अरब की राजधानी रियाद से स्व निर्वासित स्थिति में काम कर रही थी।