अमेरिका में अश्वेत शख्स जॉर्ज फ्लॉयड की हत्या के बाद रंगभेद के खिलाफ शुरू हुए विरोध-प्रदर्शन की आंच ब्रिटेन तक पहुंच गई है। लंदन में शनिवार को प्रदर्शन कर रहे 100 से ज्यादा लोगों को हिंसक व्यवहार, पुलिस पर हमला और हथियार रखने जैसे आरोपों में गिरफ्तार कर लिया गया। यह जानकारी स्कॉटलैंड यार्ड पुलिस की ओर से जारी एक बयान में दी गई है।
लंदन मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने ट्विटर के माध्यम से जानकारी दी है कि नौ बजे तक प्रदर्शन के दौरान 100 से अधिक लोगों को शांति भंग, हिंसक व्यवहार, अधिकारियों पर हमला, हथियार रखने, क्लास ए श्रेणी के मादक पदार्थ रखने और नशे में होने जैसे आरोपों में गिरफ्तार किया गया है।
दरअसल, यूरोपीय शहरों में पुलिस की बर्बरता और नस्लवाद के खिलाफ शनिवार को हजारों लोगों ने रैली निकाली थी। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान दूर-दराज के क्षेत्रें से आए लोग भी शामिल हुए। लंदन में एक बड़े समूह इकट्ठा हुए लोग सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं। इस दौरान भीड़ कहीं-कहीं हिंसक भी हुई और पुलिस अधिकारियों पर लोगों ने हमला किया।
इस बीच गृह सचिव प्रीति पटेल ने कोरोनावायरस के कारण लागू लॉकडाउन के दौरान प्रदर्शन नहीं करने की लोगों से अपील भी की। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि यह केवल तथ्यों को बता रहा है। हम अभी स्वास्थ्य आपातकाल से गुजर रहे हैं। मुझे लगता है कि यह तथ्य पूरी तरह से साफ है कि 'लोगों को इकट्ठा नहीं होना चाहिए', 'उन्हें विरोध नहीं करना चाहिए।' पुलिस रोज यह बात कह रही है। यह रैली ब्रिटिश जनता और सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए संदेश की तरह है।
बता दें कि अमेरिका में पुलिस हिरासत में अफ्रीकी अमेरिकी व्यक्ति जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के बाद ब्लैक लाइव्स मैटर आंदोलन दुनियाभर के कई देशों में फैल गया है।