ऑस्ट्रेलिया के जिस शख्स ने दो साल पहले खुद को दुनिया की सबसे कीमती मुद्रा बिटकॉइन का जनक बताने का दावा किया था, उस पर उसी के साथी के परिजनों ने पांच अरब डॉलर का मुकदमा ठोक दिया है।
इस शख्स का नाम है क्रैग राइट, जिसने अमेरिकी आईटी विशेषज्ञ डेव क्लाइमैन के साथ एक रिसर्च कंपनी बनाई। लेकिन जल्द ही डेव की मौत हो गई और राइट ने दस्तावेजों में धोखाधड़ी कर कंपनी की सारी संपत्ति अपने नाम कर ली। अब डेव क्लाइमैन के परिजनों ने क्रेग राइट पर बिटकॉइंस की चोरी का आरोप लगाया है।
ऑस्ट्रेलिया के कारोबारी क्रेग राइट और अमेरिकी आईटी विशेषज्ञ डैव क्लाइमैन ने 2011 में डब्ल्यू एंड के इंफो डिफेंस रिसर्च कंपनी स्थापित की थी जो बहुत जल्द बिटकॉइन बनाने लगी।
2013 में क्लाइमैन की मौत हो गई और क्रेग राइट ने कांट्रैक्ट के दस्तावेजों में पुरानी तारीख भरकर कंपनी की बौद्धिक संपदा अपने नाम कर ली। ऑस्ट्रेलियाई कारोबारी पर क्लाइमैन के परिवार ने क्रेग पर 11 लाख बिटकॉइंस की चोरी का आरोप लगाया है। अमेरिका में फ्लोरिडा की संघीय अदालत में परिवार ने राइट के खिलाफ मुकदमा दायर किया है।
पिछले साल शिकागो के ग्लोबल एक्सचेंज में कदम रखने के बाद 17 दिसंबर 2017 को क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन ने 19,783 डॉलर की रिकॉर्ड ऊंचाई छू चुकी है, लेकिन जनवरी में यह बहुत तेजी से नीचे आ गिरा। हालांकि अब एक बार फिर इसकी कीमत उछाल ले रही है।
आरोप के मुताबिक राइट और क्लाइमैन ने जितने भी कॉइन बनाए, उनमें से आधे क्लाइमैन परिवार के हैं, जिनकी वर्तमान में कुल कीमत करीब 11.6 अरब डॉलर है। शुरुआत बेहद कम मूल्य पर राइट और क्लाइमैन ने अथाह बिटकॉइन माइन किए थे।
संदेह में रहा है क्रेग राइट का दावा
दो साल पहले राइट ने खुद को सातोषी नाकामोटो बताते हुए बिटकॉइन का जनक करार दिया, लेकिन जब संदेह गहराया तब राइट अपने ही दावे का खंडन करने लगे। अब क्लाइमैन परिवार का कहना है कि बिटकॉइन दोनों ने ही मिलकर बनाए।
मुकदमे में कहा गया है कि क्लाइमैन की मौत के वक्त परिवार में किसी को यह पता नहीं था कि बिटकॉइन निर्माण में उनकी क्या भूमिका रही है, लेकिन जब तक यह पता चलता तब तक क्रेग राइट ने डैव क्लाइमैन के बिटकॉइन और बिटकॉइन तकनीक से जुड़ी बौद्धिक संपदा हड़पने की स्कीम बना डाली।