अमेरिका में कोरोना वायरस संक्रमण के चलते जब धर्म स्थलों पर कई लोगों को साथ जुटने से रोकने के लिए सामाजिक दूरी की चेतावनी दी जा रही थी तब उन्हें अनसुना करने वाले वर्जीनिया के पादरी नहीं जानते थे कि उनकी मौत कोविड-19 से ही होगी। 66 वर्षीय पादरी गेराल्ड ओ. ग्लेन इसी महामारी के चलते इस दुनिया में नहीं रहे हैं। उन्हें पोप फ्रांसिस ने भी श्रद्धांजलि दी है।
पादरी गेराल्ड ग्लेन ने धर्म स्थलों पर ज्यादा लोगों के न जुटने की चेतावनी के बावजूद कई सभाएं कीं। उन्हें अमेरिका में एक बड़े धार्मिक उपदेशक के रूप में जाना जाता है और लोग उन्हें बड़े ध्यान से सुनते हैं। उन्होंने चर्च के पूजाघरों को बंद करने के लिए जारी अपीलों को भी खारिज कर दिया था। फ्लोरिडा में एक पेंटेकोस्टल मेगाचर्च से उन्हें पिछले माह सैकड़ों उपासकों के साथ गिरफ्तार किया गया था।
22 मार्च को एक उपदेश में बिशप ग्लेन ने कुछ लोगों को उपदेश दिए थे कि मुझे दृढ़ता से विश्वास है कि भगवान इस खतरनाक वायरस से भी बड़ा है। उन्हें किसी वायरस से कोई खतरा है ही नहीं। इस उपदेश के आठ दिन बाद 30 मार्च को उन्हें वर्जीनिया में एक निवास स्थान पर रहने के आदेश दिए गए। इसके बाद उनमें कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई।