डेमोक्रेटिक पार्टी के एक शीर्ष सीनेटर ने अक्षय ऊर्जा प्रौद्योगिकियों के संबंध में भारत के साथ द्विपक्षीय सहयोग के लिए मंच स्थापित करने के मकसद से अमेरिकी सीनेट में एक विधेयक पेश किया। इस विधेयक में भारत-अमेरिका के बीच अक्षय ऊर्जा और विद्युत संचरण साझेदारी (सीईपीटीपी) को लेकर सहयोग पर प्रमुखता देने की बात कही गई है।
सीनेट की विदेश मामलों की समिति के वरिष्ठ सदस्य रॉबर्ट मेनेंडेज ने ‘भारत के साथ स्वच्छ ऊर्जा एवं जलवायु सहयोग प्राथमिकता’ विधेयक पेश किया है।
इसमें सीईपीटीपी के तहत होने वाली गतिविधियों में अक्षय ऊर्जा प्रौद्योगिकियों पर साझा अनुसंधान-विकास को प्रोत्साहित करना, भारतीय स्वच्छ ऊर्जा बाजार में अमेरिकी निजी निवेश को बढ़ावा देना और भारत में नवीनीकृत ऊर्जा उत्पादन क्षमता विकसित करने की पहल को सहयोग देना शामिल है।
एक बयान में कहा गया है कि यह विधेयक जलवायु परिवर्तन को लेकर बढ़ रहे खतरे को कम करने के लिए भारत-अमेरिका के बीच सहयोग को भी प्रोत्साहित करता है। मेनेंडेज ने कहा, ‘जलवायु परिवर्तन के साझा खतरे और बिजली के लिए भारत की बढ़ती जरूरत को देखते हुए दोनों देशों के बीच स्वच्छ ऊर्जा साझेदारी मजबूत करने की आवश्यकता है।’
इलेक्ट्रिक वाहनों पर भी जोर
इस विधेयक में इलेक्ट्रिक वाहनों के व्यापक उपयोग का समर्थन करने के लिए एक विस्तारक चार्ज स्टेशन नेटवर्क के नियोजन और निष्पादन का आग्रह किया गया है। इसके तहत अमेरिका के साथ इलेक्ट्रिक वाहनों के उत्पादन पर अनुसंधान भी शामिल है। यह बिल दोनों देशों के बीच निजी क्षेत्र की संस्थाओं में बौद्धिक साझाकरण को भी बढ़ावा देता है।