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New York : बिलावल भुट्टो ने उठाया कश्मीर मुद्दा, बोले-भारत से रिश्ते सुधरने के कोई संकेत नहीं

Fri, 23 Sep 2022 09:01 AM IST
सुरेंद्र जोशी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क

सार

जरदारी से पूछा गया कि पाकिस्तान में बाढ़ के हालात के बीच भारत से रिश्ते सुधरने की क्या संभावना है? जरदारी ने कहा कि उन्हें फिलहाल इसकी कोई संभावना नजर नहीं आती। भारत ने भी बाढ़ पीड़ितों की मदद की कोई पेशकश नहीं की है। 
 
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पाक विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी - फोटो : ANI
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विस्तार
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पाकिस्तान भले बाढ़ से बदहाल हो और आर्थिक कंगाली की कगार पर हो, लेकिन उसके नेताओं का कश्मीर का मोह खत्म नहीं हो रहा है। वोटों की राजनीति के कारण उन्हें कश्मीर ही देश का सबसे बड़ा मुद्दा नजर आता है। अब पाक विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी ने अपनी न्यूयॉर्क यात्रा में फिर कश्मीर मुद्दा उठाया, जबकि इससे ज्यादा जरूरी पाकिस्तान के बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए विश्व समुदाय से गुहार लगाना था। भुट्टो ने कश्मीर मुद्दा उठाते हुए यहां तक कह दिया कि उन्हें भारत-पाक रिश्तों में सुधार के कोई संकेत नजर नहीं आ रहे। 

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न्यूयॉर्क में काउंसिल ऑफ फॉरेन रिलेशंस के एक कार्यक्रम को संबोधित करने के बाद सवाल-जवाब सत्र के दौरान भुट्टो ने यह बात कही। उनसे पूछा गया कि पाकिस्तान में बाढ़ के हालात के बीच भारत से रिश्ते सुधरने की क्या संभावना है? जरदारी ने कहा कि उन्हें फिलहाल इसकी कोई संभावना नजर नहीं आती। भारत ने भी बाढ़ पीड़ितों की मदद की कोई पेशकश नहीं की है। 

हमने शांतिपूर्ण माहौल की पहल की, भारत मूलभूत रूप से बदल गया
पाक विदेश मंत्री ने कहा कि जहां तक मेरी पार्टी और मेरे पीएम की पार्टी का संबंध है, तो हमने भारत के साथ शांतिपूर्ण माहौल बनाने की कोशिश की है और हमने भारत के साथ बातचीत की सतत पैरवी की है, लेकिन भारत मूलभूत रूप से बदल चुका है। जरदारी संयुक्त राष्ट्रमहासभा के सत्र में भाग लेने के लिए न्यूयॉर्क आए हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का भारत के साथ जुड़ना अविश्वसनीय रूप से मुश्किल हो गया है। 
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2019 की घटना ने शांतिपूर्ण रिश्तों को अविश्वसनीय बनाया
भारत-पाकिस्तान संबंधों को लेकर एक सवाल के जवाब में विदेश मंत्री जरदारी ने कहा कि युवाजन इस दिशा में कुछ कर सकते हैं कि हम अतीत का बोझ ज्यादा दिनों तक नहीं ढोएंगे। पाकिस्तान में भी भारत के साथ शांतिपूर्ण रिश्तों को लेकर पैरवी की जाती है, लेकिन दुर्भाग्य से अगस्त 2019 की घटना ने भारत के साथ बातचीत को अविश्वसनीय रूप से मुश्किल बना दिया है। 

बता दें, 2019 में भारत सरकार ने कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को खत्म कर दिया है। इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर व लद्दाख को दो केंद्र शासित प्रदेशों के रूप में परिवर्तित कर दिया है। पाकिस्तान को यह पच नहीं रहा है। 

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