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Panama: पनामा के होटल में फंसे अमेरिका से निकाले गए भारतीयों पर आया बड़ा अपडेट, दूतावास ने कहा- हम मदद कर रहे

Thu, 20 Feb 2025 03:33 PM IST
बशु जैन वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, पनामा सिटी

सार

पनामा में भारतीय दूतावास ने एक्स पर पोस्ट में लिखा कि पनामा के अधिकारियों ने हमें बताया है कि कुछ भारतीय अमेरिका से पनामा पहुंचे हैं। वे सुरक्षित हैं और एक होटल में ठहरे हैं, जहां सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध हैं। दूतावास की टीम ने उनसे मिलने की अनुमति ले ली है। हम उनकी देखभाल के लिए स्थानीय सरकार के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।
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भारतीस दूतावास पनामा - फोटो : एक्स/@IndiainPanama
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विस्तार
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अमेरिका से पनामा पहुंचे सभी प्रवासी भारतीय होटल में सुरक्षित हैं। भारत अमेरिका से निकाले गए भारतीयों की मदद के लिए पनामा के अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहा है। पनामा में भारतीय दूतावास ने कहा कि सभी प्रवासी होटल में सुरक्षित और संरक्षित हैं। साथ ही दूतावास की टीम भारतीयों को कांसुलर पहुंच मुहैया करा रही है। 

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पनामा में भारतीय दूतावास ने एक्स पर पोस्ट में लिखा कि पनामा के अधिकारियों ने हमें बताया है कि कुछ भारतीय अमेरिका से पनामा पहुंचे हैं। वे सुरक्षित हैं और एक होटल में ठहरे हैं, जहां सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध हैं। दूतावास की टीम ने उनसे मिलने की अनुमति ले ली है। हम उनकी देखभाल के लिए स्थानीय सरकार के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।

पनामा में लगभग 300 लोगों को एक होटल में रोका गया है, जिन्हें अमेरिका ने निकाला है। ये लोग अलग-अलग देशों के हैं और जब तक उनकी वापसी की व्यवस्था नहीं हो जाती, तब तक उन्हें होटल से बाहर जाने की अनुमति नहीं है। अधिकारियों के अनुसार, 40% से ज्यादा प्रवासी अपने देश लौटने के लिए तैयार नहीं हैं। होटल में बंद प्रवासियों ने खिड़कियों पर संदेश लिखे हैं, जिनमें लिखा है - मदद करें और हम अपने देश में सुरक्षित नहीं हैं।
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पनामा के उप विदेश मंत्री रुइज हर्नांडेज ने कहा कि 97 लोगों को एक शिविर में ले जाया गया। वे बंदी नहीं हैं। यह एक प्रवासी शिविर है। जहां उनकी देखभाल की जाएगी। 

इन 10 एशियाई देशों के हैं 300 प्रवासी
जानकारी के मुताबिक, सभी प्रवासी 10 एशियाई देशों से आए हैं, जिसमें ईरान, भारत, नेपाल, श्रीलंका, पाकिस्तान, अफगानिस्तान और चीन के लोग शामिल हैं। अमेरिका के लिए इन देशों में सीधा निर्वासन करना मुश्किल है, इसलिए पनामा को एक ठहराव के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। 

प्रवासियों को दी जा रही बुनियादी सुविधाएं
पनामा के सुरक्षा मंत्री फ्रैंक एब्रेगो ने दावा किया है कि, सभी प्रवासियों चिकित्सा सुविधा और खाना मिल रहा है। यह पूरी व्यवस्था अमेरिका और पनामा के बीच हुए एक समझौते के तहत हो रही है। अमेरिका इस पूरे ऑपरेशन का खर्च उठा रहा है। वहीं पनामा के राष्ट्रपति जोसे राउल मुलिनो, जो ट्रंप की पनामा नहर पर नियंत्रण को लेकर दी गई धमकियों के कारण राजनीतिक दबाव में हैं, ने पिछले गुरुवार को पहली डिपोर्टेशन फ्लाइट के आने की घोषणा की थी।  

अपने देशों को लौटने के लिए तैयार प्रवासी
रिपोर्ट के मुताबिक, अब तक 300 लोगों में से 171 प्रवासी अंतरराष्ट्रीय संगठनों की मदद से अपने-अपने देशों को लौटने के लिए तैयार हो गए हैं। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (यूएनएचआरसी) और अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (आईओएम) बाकी 128 लोगों के लिए विकल्प की तलाश कर रहे हैं, ताकि वे किसी तीसरे देश में बस सकें। वहीं जो प्रवासी अपने देश वापस जाने के लिए तैयार नहीं हैं, उन्हें पनामा के दारिएन प्रांत के एक विशेष केंद्र में रखा जाएगा।
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