स्पेस एक्स के लॉन्च किए गए नवीनतम ड्रैगन कैप्सूल से चार अंतरिक्ष यात्री 27 घंटे का सफर पूरा कर सोमवार देर रात को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पहुंच गए। वे अगले छह महीने तक यहीं रहेंगे। स्पेस एक्स के लिए अंतरिक्ष यात्रियों को आईएसएस पहुंचाने का यह दूसरा मिशन है। लेकिन यह पहली बार है जब एलन मस्क की कंपनी ने छह महीने के लिए अंतरिक्ष यात्रियों को आईएसएस भेजा है।
रिपोर्ट के मुताबिक, पूरी तरह से ऑटोमेटेड उड़ान से हॉप्किंस के साथ विक्टर ग्लोवर, शैनॉन वॉकर और जापान के सोइची नुगुची आईएसएस पहुंचे। विक्टर ग्लोवर पहले अश्वेत अंतरिक्ष यात्री हैं जो इतने लंबे समय के लिए अंतरिक्ष मिशन पर गए हैं।
इस साल कोरोना जैसी चुनौतियों को देखते हुए स्पेस एक्स के इस कैप्सूल को रेजिलिएंस नाम दिया गया। वहीं, इससे पहले ड्रैगन के कमांडर माइक हॉप्किंस ने जब आईएसएस से पहला रेडियो संपर्क किया तो वहां मौजूद अमेरिका की महिला अंतरिक्षयात्री केट रूबिन्स बोलीं, वाह, एक अच्छी आवाज सुनने को मिली। हम आपका इंतजार कर रहे हैं।
चीन ने की चांद से सामग्री वापस लाने वाले मिशन के लिए भारी-भरकम रॉकेट की तैनाती
चीन ने चार दशकों में पहली बार चांद से सामग्री वापस लाने के मिशन की लॉन्चिंग के लिए रॉकेट तैनात कर दिया है। लंबे मार्च-5 (रॉकेट) को वेंचाग स्थित स्पेस बेस स्थित लॉन्च साइट पर लाने के लिए अपने हैंगर से ट्रैक्टर के जरिये निकाला गया था। यह चेन्ज मिशन 5 मिशन अगले सप्ताह की शुरुआत में लॉन्च होना है।
इस मिशन में चंद्रमा पर एक लैंडर रखा जाएगा जो सतह के नीचे दो मीटर ड्रिल करेगा और चट्टानों व अन्य मलबे को धरती पर लाया जाएगा। 1960 और 1970 के दशक के अमेरिकी और रूसी मिशनों के बाद के पहली बार वैज्ञानिकों को चंद्रमा से लाने वाली सामग्रियों का अध्ययन करने की इजाजत दी मिलेगी।