जनरल कासिम सुलेमानी (मध्य में)
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इस्राइली सेना के खुफिया विभाग के पूर्व प्रमुख मेजर जनरल तामिर हेमैन ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि जनवरी 2020 में ईरानी जनरल कासिम सुलेमानी को अमेरिकी ड्रोन हमले में मार गिराने में इस्राइल भी शामिल था। हमले में इस्राइल के शामिल होने के इस दावे से नया बवाल पैदा हो सकता है।
सुलेमानी ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड के 'कुद्स फोर्स' के प्रमुख थे। जनवरी 2020 में बगदाद हवाई अड्डे पर एक अमेरिकी ड्रोन हमले में वह मारे गए थे। इस हमले से दुनिया भर में हड़कंप मच गया था और ईरान, अमेरिका व इस्राइल के बीच नए सिरे से तनाव व जंग का खतरा महसूस किया गया था।
इस्राइल और ईरान दोनों की शत्रुता किसी से छिपी नहीं है। ईरान, इस्राइल को दुनिया के नक्शे से मिटाने की बात कहता है। वहीं इस्राइल कहता है कि वह ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकने के आवश्यक कदम उठाएगा।
इस्राइल ने खुफिया जानकारी साझा की थी
बगदाद में ड्रोन हमले के बाद एनबीसी न्यूज ने दावा किया था कि इस हमले से पहले दमिश्क से बगदाद तक सुलेमानी की उड़ान की जासूसी में इस्राइल ने खुफिया मदद की थी। इस साल के आरंभ में याहू न्यूज ने दावा किया था कि इस्राइल के पास 'सुलेमानी की पूरी जानकारी थी' और उसने यह सूचना अमेरिका को दी थी।
सैन्य खुफिया विभाग के प्रमुख रहे मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) तामिर हेमैन पहले इस्राइली अधिकारी हैं, जिन्होंने सुलेमानी की हत्या में अपने देश के शामिल होने की बात कबूल की है। उनका दावा है कि इस्राइल के पास सुलेमानी के मोबाइल नंबर तक पहुंच थी।
सुलेमानी की हत्या इस्राइल के लिए कामयाबी
एक हिब्रू पत्रिका को हेमैन ने बताया कि सुलेमानी की हत्या कामयाबी थी। हेमैन ने कहा कि उनकी नजर में ईरान हमारा प्रमुख दुश्मन है। सेना के खुफिया प्रमुख के रूप में मेरे कार्यकाल के दौरान दो महत्वपूर्ण हत्याएं हुईं। हेमैन ने कहा कि इस्राइल के हमले सीरिया में ईरान को पैर पसारने से रोकने में सफल रहे हैं।