अवैध अप्रवासियों के निर्वासन को लेकर अमेरिका में चल रही कार्रवाइयों के बीच मैक्सिको ने बड़ा कदम उठाया। मैक्सिको ने अमेरिका से आ रही एक निर्वासन उड़ान को उतरने की अनुमति देने से इनकार कर दिया। मैक्सिको की इस प्रक्रिया से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अवैध आव्रजन को लेकर की जा रही कार्रवाई को बड़ा झटका लगा है।
शपथ ग्रहण करने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मैक्सिको की सीमा को अप्रवासन के लिए बंद करने और अमेरिका में स्थायी कानूनी स्थिति के बिना लाखों अप्रवासियों को निर्वासित करने के उद्देश्य से कई कार्यकारी आदेश जारी किए हैं। उन्होंने शरणार्थी पुनर्वास को भी रद्द कर दिया। उनके प्रशासन ने ऐसे अधिकारियों पर मुकदमा चलाने का इरादा भी जताया, जो उनकी नई आव्रजन नीतियों को लागू नहीं करेंगे। इसके बाद से लगातार अमेरिका से अवैध अप्रवासियों को निकालने का सिलसिला जारी है।
पहले अमेरिका की दो वायु सेना उड़ानों के जरिये 160 निर्वासितों को ग्वाटेमाला में सफलतापूर्वक पहुंचाया गया। इसके बाद एक और उड़ान निर्वासितों लेकर पहुंची जिसे मैक्सिको ने उतरने की अनुमति देने से इनकार कर दिया। हालांकि, व्हाइट हाउस के अधिकारियों ने कहा कि ऐसा प्रशासनिक गड़बड़ी की वजह से हुआ है। इसे जल्दी ठीक कर लिया गया। वहीं विदेश विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि यह गलती रक्षा विभाग की कागजी कार्रवाई को लेकर हुई थी। अगर ऐसा न होता तो मैक्सिको निर्वासन स्वीकार करने के लिए तैयार था।
हाल ही में राष्ट्रपति ट्रंप ने मैक्सिको को 25 फीसदी टैरिफ लगाने की धमकी भी दी। इसके बाद भी मैक्सिको ने निर्वासन प्रक्रिया में सहयोग किया है। उसने एक दिन में चार उड़ानों को स्वीकार किया। इसके साथ ही 30 हजार नेशनल गार्ड सैनिक जुटाए और मैक्सिको में ही रहें नीति लागू की। बताया जाता है कि गुरुवार को ही दो हजार से अधिक अप्रवासियों को निर्वासित किया गया। जबकि पांच हजार हिरासत में लिए गए।
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलीन लेविट ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि इतिहास का सबसे बड़ा निर्वासन अभियान अच्छी तरह से चल रहा है। अवैध अप्रवासियों के पहले जत्थे को सैन्य विमान से भेजा गया। राष्ट्रपति ट्रंप पूरी दुनिया को एक सख्त और स्पष्ट संदेश संदेश दे रहे हैं कि यदि आप अवैध रूप से अमेरिका में प्रवेश करते हैं तो आपको गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।