imran khan and putin (file photo)
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कश्मीर मामले में रूस ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को बड़ा झटका दे दिया है। इमरान खान राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन के करीब आने की कोशिश कर रहे थे। वे उम्मीद कर रहे थे कि पुतिन कश्मीर मामले में दखल देंगे, लेकिन रूस ने साफ शब्दों में कह दिया है कि यह भारत व पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय मसला है। रूस की स्पष्ट नीति है कि वह द्विपक्षीय मसलों में दखल नहीं देगा।
पाक पीएम इमरान खान अगले माह रूस यात्रा पर आने की योजना बना रहे हैं। इससे पूर्व यह बयान देकर रूस ने कश्मीर पर किसी भी दखल से इनकार कर दिया है। दरअसल रूस को यह सफाई इसलिए भी देना पड़ी क्योंकि रूसी सरकार से जुड़े एक मीडिया संगठन ने कश्मीर मसले की तुलना फिलीस्तीन विवाद से कर दी थी।
यह रूसी संगठन कई अवॉर्ड जीतने का दावा कर चुका है और यह रूस में पूंजीवादी व्यवस्था का विकल्प तलाशने के जमीनी कार्यों में जुटा है। कई लोगों का यह भी कहना है कि इसे पुतिन सरकार का समर्थन हासिल है। रूस ने स्पष्ट किया है कि कश्मीर को लेकर उसके रवैये में कोई बदलाव नहीं आया है। भारत व पाकिस्तान को इसका हल निकालना चाहिए और समाधान शिमला समझौते व लाहौर घोषणा पत्र पर आधारित होना चाहिए।
हाल ही में राष्ट्रपति पुतिन ने तालिबान को लेकर इमरान खान से कई बार फोन पर बात की है। खान अगले माह रूस जाने वाले हैं। पाकिस्तान कश्मीर मामले में तीसरे पक्ष की मध्यस्थता का मुद्दा लगातार उठा रहा है, लेकिन भारत को उसकी यह कोशिश कतई मंजूर नहीं है।
इमरान ने चीन से भी की गुहार, जिनपिंग ने झाड़ा पल्ला
इस बीच पाक पीएम इमरान खान विंटर ओलंपिक के मौके पर बीजिंग पहुंचे। वहां उन्होंने राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात के दौरान कश्मीर मामले में दखल का आग्रह किया। इस पर जिनपिंग ने सीधे दखल देने से परहेज करते हुए कहा कि चीन किसी भी एकतरफा कार्रवाई का विरोध करता है। दोनों संबंधित देश कश्मीर मुद्दे को ठीक से और शांति से हल करें। इमरान खान ने चीनी अधिकारियों को कश्मीर की हाल की घटनाओं की जानकारी दी। चीन ने कहा कि कश्मीर मुद्दा इतिहास का बचा हुआ विवाद है। इसे संयुक्त राष्ट्र चार्टर, सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों और द्विपक्षीय समझौतों से ही शांति से हल किया जाना चाहिए।