भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान के नेताओं की पहली क्वॉड बैठक में ऐतिहासिक समझौता होने की उम्मीद है। इसमें कोविड टीके की क्षमता बढ़ाने, जलवायु परिवर्तन पर अहम कदम उठाने और भविष्य के लिए गंभीर तकनीकों पर मिलकर काम करने जैसे अहम करार किया जाएगा। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन की विदेश नीति पहल में शामिल वरिष्ठ अधिकारियों ने यह बात कही।
चारों देशों की इस वर्चुअल बैठक में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन, ऑस्ट्रेलिया के पीएम स्कॉट मॉरिसन और जापानी पीएम योशिहिदे सुगा भी शामिल होंगे।
अधिकारियों के मुताबिक, चारों देशों ने इन करार को लेकर कई कार्यकारी समूहों को बनाने की योजना बनाई है। माना जा रहा है कि यह बैठक करीब 90 मिनट होगी, जिसमें चारों नेता चीन को दरकिनार कर हिंद प्रशांत क्षेत्र को स्वतंत्र और खुला बनाए जाने की वकालत करेंगे।
ये देश पेरिस समझौते को पूरी तरह लागू किए जाने का समर्थन करेंगे और वैश्विक जलवायु परिवर्तन पर उठाए जाने वाले कदमों, सहयोग और इसमें लगने वाले पैसे मुहैया कराए जाने पर भी चर्चा करेंगे। इस दौरान साइबर सुरक्षा के मसले पर भी चर्चा होगी।
टीकों की क्षमता बढ़ाने पर करेंगे काम
क्वॉड बैठक के दौरान राष्ट्रपति बाइडन व्हाइट हाउस के भोज कक्ष में उप राष्ट्रपति कमला हैरिस और विदेश मंत्री टोनी ब्लिंकन और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जैक सुलिवन के साथ मौजूद होंगे। अमेरिका भारत और जापान के साथ टीके की क्षमता बढ़ाने पर काम करेगा, जिसे 2022 तक बढ़ाकर 100 करोड़ किया जाएगा। इन टीकों को दक्षिण पूर्व एशिया में लोगों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी होगी।
क्वॉड टीका विशेषज्ञ समूह भी बनेंगे
अधिकारियों के मुताबिक, इस बैठक में वरिष्ठ स्तर पर क्वॉड टीका विशेषज्ञ समूह भी गठित किया जाएगा। यह टीकों को तेजी से हिंद-प्रशांत क्षेत्र में लोगों तक पहुंचाने पर काम करेगा।