राष्ट्रपति पद छोड़ने से चंद मिनट पहले जो बाइडन ने अपने परिवार के पांच सदस्यों को माफी देने के फैसले पर हस्ताक्षर किए। इनमें दो उनके भाई हैं। बाइडन ने कहा कि अपने परिवार को राजनीतिक वजहों से लगाए गए आधारहीन आरोपों की जांच से बचाने के लिए उन्होंने यह फैसला किया है।
बाइडन ने अपने भाई को भी दिया क्षमादान
बता दें कि बाइडन ने जिन्हें माफी दी उनमें उनके भाई जेम्स और फ्रांसिस, जेम्स की पत्नी सारा और बाइडन की बहन वेलेरी और बहनोई जॉन शामिल हैं। इसके अलावा बाइडन ने अमेरिकी एक्टिविस्ट लियोनार्ड पेल्टियर को भी माफी दी। पेल्टियर 1975 से एफबीआई के दो एजेंटों की हत्या के अपराध में संघीय जेल में बंद हैं। अब वह जेल के बदले अपनी बची सजा अपने घर में नजरबंदी में बिताएंगे।
मामले में बाइडन ने अपने परिवार के सदस्य, जैसे उनके भाई-बहन, कुछ राजनीतिक हस्तियां जैसे जनरल मार्क मिले और डॉक्टर एंथनी फौसी के खिलाफ संभावित कानूनी खतरों से बचने के लिए उन्हें क्षमा कर दिया। यह कदम पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के प्रशासन द्वारा उठाए गए जांचों और हमलों से उनके परिवार की रक्षा करने के लिए था।
साथ ही अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 1975 में दो फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (एफबीआई) एजेंटों की हत्या के आरोप में दोषी ठहराए गए 80 साल के स्वदेशी कार्यकर्ता लियोनार्ड पेल्टियर की सजा में भी छूट दी।
बाइडन ने दी जानकारी
मामले में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन ने अपना बयान जारी कर जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि यह कदम उन्होंने इस डर से उठाया कि राजनीतिक प्रतिशोध के तहत उनके परिवार और सहयोगियों पर झूठे आरोप लगाए जा सकते हैं, जो उनकी प्रतिष्ठा और वित्तीय स्थिति को नुकसान पहुंचाएंगे। देखा जाए तो इस बात से यह स्पष्ट होता है कि बाइडन ने अपने अंतिम दिन अपने परिवार और राजनीतिक सहयोगियों को बचाने के लिए ये कदम उठाए, ताकि वे बिना किसी कानूनी दबाव के अपना काम जारी रख सकें।
आरोपियों को दोषमुक्त करने का आह्वान
साथ ही बाइडन ने कहा कि यहां तक कि जब व्यक्तियों ने कुछ भी गलत नहीं किया हो और अंततः उन्हें दोषमुक्त कर दिया जाए, तो केवल जांच या मुकदमा चलाए जाने का तथ्य उनकी प्रतिष्ठा और वित्त को अपूरणीय क्षति पहुंचा सकता है। आगे उन्होंने इस बात को रेखांकित करते हुए कि कानूनी लड़ाई लक्षित लोगों पर कितना भारी पड़ सकती है।