फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

H-1B Visa: एच-1बी समेत इमिग्रेशन फीस में भारी बढ़ोतरी का प्रस्ताव, भारतीयों के लिए घटेगा वीजा का इंतजार

Thu, 05 Jan 2023 02:20 PM IST
संजीव कुमार झा पीटीआई, वाशिंगटन

सार

H-1B वीजा एक गैर-आप्रवासी वीजा है जो अमेरिकी कंपनियों को विदेशी कर्मचारियों को विशेष व्यवसायों में नियोजित करने की अनुमति देता है जिन्हें सैद्धांतिक या तकनीकी विशेषज्ञता की आवश्यकता होती है। एच-1बी वीजा के जरिये भारत व चीन जैसे देशों से हर साल हजारों प्रौद्योगिकी पेशेवर अमेरिका जाते हैं।
विज्ञापन
H-1B Visas
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रशासन ने वीजा इमिग्रेशन शुल्क में भारी बढ़ोतरी का प्रस्ताव किया है। यह वृद्धि लागू हो जाती है, तो एच-1बी वीजा के लिए आवेदन करते समय करीब दोगुना तक शुल्क चुकाना होगा। भारतवंशी उच्च तकनीकी पेशेवरों के बीच एच-1बी वीजा सबसे ज्यादा लोकप्रिय है। दूसरी तरफ, बाइडन प्रशासन ने थोड़ी राहत के संकेत देते हुए भारत में वीजा साक्षात्कार के प्रतीक्षा समय की इंतजार अवधि कम करने का भरोसा दिया है।

विज्ञापन


यूएस सिटिजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज (यूएससीआईएस) की ओर से बुधवार को प्रकाशित प्रस्तावित नियम के तहत एच-1बी वीजा के लिए आवेदन फीस 460 से बढ़ाकर 780 डॉलर और एल-1 के लिए 460 से बढ़ाकर 1,385 डॉलर करने की पेशकश है। ओ-1 वीजा का आवेदन शुल्क 460 से बढ़ाकर 1,055 डॉलर करने का प्रस्ताव है। एच-2बी अर्जियों (मौसमी, गैर-कृषि श्रमिकों के लिए) के लिए शुल्क 460 से बढ़ाकर 1,080 डॉलर करने का प्रस्ताव है।

उधर, अमेरिकी विदेश विभाग के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि उनका देश भारत में वीजा  साक्षात्कार के प्रतीक्षा समय को जल्द से जल्द कम करने का हरसंभव प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि वीजा प्रक्रिया अनुमान से अधिक तेजी से दुरुस्त हो रही है। आगामी साल तक इसके कोविड महामारी से पहले वाले स्तर तक पहुंचने की उम्मीद है। विदेश विभाग के प्रवक्ता नेड प्राइस ने भारत जैसे देशों से वीजा आवेदनों के बैकलॉग संबंधी चिंताओं पर कहा कि वह निश्चित रूप से उन लोगों की हताशा को समझते हैं, जिन्हें वीजा के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है। एजेंसी
विज्ञापन


...इसलिए बढ़ाया जा रहा शुल्क
अमेरिका के गृह विभाग ने अधिसूचना में कहा है कि यूएससीआईएस मुख्य रूप से आवेदकों से जुटाई गई राशि से संचालित होता है। फीस वृद्धि से इमिग्रेशन एजेंसी को परिचालन लागत जुटाने, वीजा प्रक्रिया को समय पर फिर से पूरा करने व उसे बनाए रखने में मदद मिलेगी। 

यूएससीआईएस की लगभग 96 प्रतिशत  वित्तीय जरूरत आवेदन फीस से पूरी होती है। कोरोना काल के दौरान वीजा आवेदनों में कमी आई थी। इसके चलते उसकी आमदनी भी 40 फीसदी तक कम हो गई थी। कर्मचारियों की कमी से इमिग्रेशन एजेंसी पर पुराने आवेदनों को मंजूर करने का दबाव बढ़ रहा है। वर्ष 2016 के बाद शुल्क में बदलाव नहीं किया गया है।

2022 में रिकाॅर्ड 1.25 लाख भारतीय छात्रों को दिया वीजा
विदेश विभाग प्रवक्ता नेड प्राइस ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि अमेरिका ने वर्ष 2016 के बाद से किसी भी साल की तुलना में वित्तीय वर्ष 2022 में अधिक छात्र वीजा जारी किए। विशेष रूप से भारत में उसके दूतावास और वाणिज्य दूतावासों ने एक वित्तीय वर्ष में जारी छात्र वीजा का अपना रिकॉर्ड तोड़ दिया है। इस वर्ष अमेरिका ने भारतीय छात्रों के लिए  करीब 1.25 लाख वीजा जारी किए गए।

भारतीयों में सबसे अधिक लोकप्रिय है एच-1बी वीजा 
यह गैर-आप्रवासी वीजा अमेरिकी कंपनियों को दूसरे देशों के उच्च तकनीकी पेशेवरों को विशेष व्यवसायों में नियोजित करने की अनुमति देता है। एच-1बी वीजा के जरिये भारत व चीन जैसे देशों से हर साल हजारों प्रौद्योगिकी पेशेवर अमेरिका जाते हैं।

ज्यादा कामगारों को बुलाने की पहल को लगेगा झटका...
प्रस्ताव पर 60 दिन के भीतर सार्वजनिक आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है। फोर्ब्स ने एक रिपोर्ट में कहा कि शुल्क वृद्धि से अमेरिका में कानूनी तौर पर ज्यादा कामगारों के प्रवेश की अनुमति देने की इच्छा रखनेवाले नीति-निर्माताओं की झटका लगेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें