भूटान के विदेश मंत्री ल्योंपो टांडी दोरजी ने यूएनजीए के उच्च-स्तरीय 77वें सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि आज हमारी 90 प्रतिशत से अधिक आबादी का पूर्ण टीकाकरण हो चुका है। यह सब भारत सहित मित्र देशों की हार्दिक सद्भावना के कारण संभव हो पाया है।
भूटान और नेपाल ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) में ‘वैक्सीन मैत्री’ पहल के तहत कोरोना टीकों की आपूर्ति में ‘मूल्यवान समर्थन’ दिखाने के लिए भारत को शुक्रिया कहते हुए आभार जताया। उन्होंने कहा, भारत की पहल के चलते हम अपनी आबादी के टीकाकरण में सक्षम हो सके।
विज्ञापन
भूटान के विदेश मंत्री ल्योंपो टांडी दोरजी ने यूएनजीए के उच्च-स्तरीय 77वें सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि दुनिया के कई अन्य हिस्सों की तरह, भूटान भी कोविड-19 के प्रभावों से नहीं बचा और न ही इससे प्रेरित व्यवधानों से अछूता रह पाया। दोरजी ने यूएनजीए के अंतिम दिन आम बहस के दौरान कहा कि आज हमारी 90 प्रतिशत से अधिक आबादी का पूर्ण टीकाकरण हो चुका है। यह सब भारत सहित मित्र देशों की हार्दिक सद्भावना के कारण संभव हो पाया है। नेपाल के विदेश मंत्री भरत राज पौडयाल ने भी महासभा में भारत द्वारा अपने देश को उपलब्ध कराए गए टीकों के लिए सराहना जताई। उन्होंने कहा कि नेपाल में हम लक्षित आबादी में 96 प्रतिशत लोगों का पूर्ण टीकाकरण करने में सक्षम हुए। लगभग सभी को कम से कम एक खुराक दी जा चुकी है।
यूएनएससी में भारत-जापान का समर्थन करेगा श्रीलंका
श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने कहा कि उनकी सरकार संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में स्थायी सदस्यता के लिए भारत-जापान के प्रयास का समर्थन करेगी। राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक, जापान के विदेश मंत्री योशिमासा हयाशी से एक मुलाकात में विक्रमसिंघे ने विश्व स्तर पर श्रीलंका को जापान की ओर से मुहैया कराये गए समर्थन की सराहना की। उन्होंने कहा, श्रीलंका सरकार सुरक्षा परिषद में भारत-जापान द्वारा चलाए जा रहे अभियान का समर्थन करने की इच्छुक है।