भारत से हजारों किमी दूर प्रशांत महासागर के एक छोटे से द्वीप-राष्ट्र फिजी में भारतीय संस्कृति और हिंदू परंपराएं आज भी उतनी ही जीवंत हैं जितनी 19वीं सदी में गिरमिटिया मजदूरों के साथ वहां पहुंची थीं। श्रावण माह में यहां के मंदिर और सामुदायिक भवन में भक्ति-गीतों से सराबोर रहे। अगस्त में भजन जैमिंग 2026 कार्यक्रम युवाओं के लिए खास उत्साह का केंद्र रहा।
भजन जैमिंग कार्यक्रम और भारतीय-मूल के युवा
यहां के राम मंदिर में अभी से रामलीला की तैयारियां भी की जाने लगी हैं। घरों में रामायण बजती है। सदियों की भारतीय परंपरा पर प्रवासियों को बेहद गर्व है और विदेशी भी परंपराओं के पालन की प्रेरणा ले रहे हैं। यहां के प्रमुख अखबार फिजी सन ने के मुताबिक, भजन जैमिंग कार्यक्रम में फिजी स्थित भारतीय-मूल के युवाओं ने पारंपरिक भजनों को समकालीन संगीत अंदाज में पेश किया।
भारतीय छात्र संगठन ने भी प्रस्तुति दी
कार्यक्रम में बंदिश ग्रुप, सुकून ग्रुप और हनुमान चालीसा परिवार जैसी स्थानीय भजन-मंडलियों के साथ-साथ यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ पैसिफिक के भारतीय छात्र संगठन ने भी प्रस्तुति दी। फिजी में बॉलीवुड मुख्य रूप से फिल्म शूटिंग, रेडियो शो, कंसर्ट्स और स्थानीय इंडो-फिजीयन समुदाय की सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा है।