कोरोना टीके की पहली और दूसरी खुराक में कितना अंतर रखा जाए इसको लेकर लोगों में काफी चिंता है। इस बीच टीका बनाने वाली अमेरिकी कंपनी फाइजर और जर्मनी की कंपनी बायोएनटेक ने कहा कि पहली और दूसरी खुराक के बीच कम से कम तीन हफ्ते का वक्त देना बेहतर होगा।
फाइजर ने कहा, टीके की पहली खुराक लगने के बाद दो हफ्ते के अंदर लोगों में एक स्तर की सुरक्षा मिल जाएगी। इसके बाद दूसरी व आखिरी खुराक तीन हफ्ते के बाद लगाने से उन्हें पूरी सुरक्षा मिलेगी। हालांकि मोडर्ना कंपनी का मानना है कि उसके टीके की दूसरी खुराक चौथे हफ्ते में दी जाए तो बेहतर होगा।
वहीं अलग अलग देशों में इसको लेकर राय में अंतर है। ब्रिटेन जहां दूसरी खुराक के लिए 12 हफ्ते तक इंतजार करने को तैयार है वहीं अमेरिका इससे इत्तेफाक नहीं रखता। यहां फिर एक सवाल उठता है कि आखिर पहली खुराक का असर कितने दिन तक रहता है।
इस पर फाइजर की दलील है कि अब तक ऐसे कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं कि कोरोना टीके की पहली खुराक का असर 21 दिन के बाद मिले हों, इस तरह जरूरी है कि तीसरे हफ्ते के बाद दूसरी खुराक दी जाए ताकि टीका लगवाने वाला पूरी तरह सुरक्षा कवच में आ जाए।