इस्राइल में एक बार फिर प्रधानमंत्री के खिलाफ लोग सड़कों पर उतर आए हैं। प्रधानमंत्री बेन्जामिन नेतन्याहू के खिलाफ नारेबाजी की जा रही है। बता दें, नेतन्याहू ने अपने सरकार के रक्षा मंत्री को बर्खास्त कर दिया था, जिस वजह से लोग आक्रोशित हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि नेतन्याहू लोकतंत्र के लिए खतरनाक साबित हो रहे हैं।
क्या है मामला?
रविवार को प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अपनी सरकार के रक्षा मंत्री यॉव ग्लांट को बर्खास्त कर दिया था। जिसके बाद से ही वहां की जनता में आक्रोश है। येरुशलम स्थित नेतन्याहू के घर के बाहर भी प्रदर्शनकारी इक्ठ्ठा हो गए। हंगामें के कारण पुलिस और सेना के जवानों ने प्रदर्शनकारियों के ऊपर वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री पर आरोप लगाते हुए कहा कि न्यायधीशों और सरकार के बीच की खींचतान लोकतंत्र के लिए खतरा है। भ्रष्टाचार के मामले में घिरे प्रधानमंत्री खुद को जेल से बचाने की कोशिश कर रहे हैं।
उड़ानें भी ठप
वहीं, इस्राइल के तेल अवीव शहर स्थित बेन गुरियन अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे से उड़ाने भी ठप हैं। हवाईअड्डा प्रशासन का कहना है कि देश में विरोध फैलने के कारण जनता की सुरक्षा को देखते हुए हमने सभी उड़ाने बंद कर दी हैं। हवाईअड्डा कर्मचारियों का यूनियन देश में विरोध करने वाला पहला संगठन था। सोमवार को देश के सबसे बड़े व्यापारिक संगठन ने भी एक दिन के हड़ताल की घोषणा की है। संगठन के अनुसार, हड़ताल के कारण इस्राइल की अर्थव्यवस्था को काफी नुकसान हो सकता है। वहीं, उड़ाने ठप रहने के कारण हजारों यात्रियों को भी परेशानी होगी।
बंद के कारण अर्थव्यवस्था को भी नुकसान
इस्राइल के सबसे बड़े संगठन हिसाद्रुत के अध्यक्ष अर्नोन बार डेविड का कहना है कि सोमवार को ऐतिहासिक हड़ताल बुलाई है। न्यायिक क्रांति को रोकने के लिए इस बंद का एलान किया है। डेविड ने प्रधानमंत्री नेतन्याहू को संबोधित करते हुए कहा कि इस न्यायिक प्रणाली को समय रहते रोक दें, नहीं तो बहुत देर हो जाएगी। ट्विटर पर एक वीडियो पोस्ट किया गया है। जिसमें आंदोलनकारियों का एक समूह दिखाया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार न्यायधीशों की नियुक्ति के प्रावधान में छेड़छाड़ न करे। इसके साथ ही उनकी मांग है कि अदालत के पास ये क्षमता हो कि वे सरकार द्वारा पारित कानूनों पर प्रतिबंध लगा सकें। वहीं ट्विटर पर एक और वीडियो ट्रेंड कर रहा है, जिसमें इज्रायल का फिलहारमोनिक ऑर्केस्ट्रा विरोध में राष्ट्रगान बजा रहा है।
राष्ट्रपति और पूर्व प्रधानमंत्री ने भी नेतन्याहू को समझाया
इस्राइली राष्ट्रपति आइसेक हरजोग ने भी सोमवार को प्रधानमंत्री से बात की। रिपोर्ट्स के मुताबिक, राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री को समझाते हुए कहा कि आज विश्व की नजरें हम पर ही हैं। देश की एकता की जिम्मेदारी के लिए मैं आपसे न्यायिक प्रक्रिया पर रोक लगाने का आग्रह करता हूं। इसके अलावा पूर्व प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट ने भी नेतन्याहू से बात की है। उनका कहना है कि मैंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया है कि न्यायिक प्रणाली में किए जा रहे बदलाव को रोक दें। साथी ही बर्खास्त रक्षामंत्री को भी बहाल करें। हालांकि, एक खास इंटरव्यू के दौरान नेतनयाहू ने कहा था कि मैं लोकतंत्र को बर्बाद नहीं कर रहा, बल्कि उसे सुधारने की कोशिश कर रहा हूं।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने भी की बात
अमेरिका का कहना है कि हम चाहते हैं कि इस्राइली नेता जल्द से जल्द इस मामले को शांत करें। व्हाइट हाउस के प्रवक्ता का कहना है कि हाल ही में राष्ट्रपति बाइडन ने भी नेतनयाहू से बात की है कि अमेरिकी-इज्रायली संबंध में लोकतांत्रिक मूल्य अहम हैं।