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पीएम नेतन्याहू कैंसर से पीड़ित रहे: इस्राइली प्रधानमंत्री ने कब और कैसे कराया अपना इलाज? खुद किया इसका खुलासा

Fri, 24 Apr 2026 05:37 PM IST
Himanshu Singh Chandel वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेल अवीव

सार

इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने खुलासा किया है कि उन्हें शुरुआती चरण का प्रोस्टेट कैंसर था। रूटीन जांच में पकड़े गए इस छोटे ट्यूमर का सफल इलाज हो चुका है और वे अब पूरी तरह स्वस्थ हैं। ईरान के झूठे प्रचार से बचने के लिए उन्होंने युद्ध के दौरान यह बात छिपाई थी।
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कैंसर पर क्या बोले नेतन्याहू? - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के स्वास्थ्य को लेकर एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है। लंबे समय से चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए इस्राइली प्रधानमंत्री ने खुद इस बात का आधिकारिक खुलासा किया है कि वे कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित रहे हैं। 
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नेतन्याहू ने बताया है कि उन्हें शुरुआती चरण का प्रोस्टेट कैंसर था, जिसका उन्होंने समय रहते इलाज करवा लिया है। अपनी सालाना मेडिकल रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद नेतन्याहू ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर यह अहम जानकारी दी। उन्होंने देश और दुनिया को भरोसा दिलाया है कि एक घातक ट्यूमर को उनके शरीर से सफलतापूर्वक निकाल दिया गया है और अब उनकी शारीरिक स्थिति बिल्कुल बेहतरीन है।

बीमारी पर क्या बोले नेतन्याहू?
नेतन्याहू ने बताया कि यह बीमारी अचानक नहीं पकड़ी गई बल्कि एक रूटीन मेडिकल चेकअप के दौरान इसका पता चला था। करीब डेढ़ साल पहले उन्हें प्रोस्टेट के बढ़ने की समस्या हुई थी, जो कि उस समय कैंसर (बिनाइन) नहीं था। उस वक्त उनकी एक सफल सर्जरी की गई थी। उसी सर्जरी के बाद से डॉक्टरों की एक टीम उनके स्वास्थ्य की लगातार निगरानी कर रही थी।
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इसी रूटीन जांच के दौरान हाल ही में डॉक्टरों को एक सेंटीमीटर से भी छोटे आकार का एक बहुत ही 'छोटा सा धब्बा' दिखाई दिया। गहन जांच करने पर पता चला कि यह शुरुआती चरण का एक घातक कैंसर वाला ट्यूमर था। इसके बाद तुरंत इलाज शुरू किया गया, जिसने इस समस्या को पूरी तरह से खत्म कर दिया और अब शरीर में इसका कोई भी नामोनिशान बाकी नहीं है।

कैंसर की जानकारी दुनिया से क्यों छिपाई गई थी?
इस्राइली प्रधानमंत्री ने इस बात का भी साफ और सीधा जवाब दिया है कि उन्होंने अपनी बीमारी की रिपोर्ट तुरंत सार्वजनिक क्यों नहीं की थी। नेतन्याहू ने बताया कि उन्होंने खुद अपनी मेडिकल रिपोर्ट जारी करने में देरी करने का अनुरोध डॉक्टरों से किया था। 

दरअसल, उस समय इस्राइल और ईरान के बीच युद्ध अपने चरम पर था और हालात बहुत नाजुक थे। वे बिल्कुल नहीं चाहते थे कि इस संवेदनशील समय में ईरान (तेहरान) को उनके स्वास्थ्य को लेकर इस्राइल के खिलाफ 'और भी ज्यादा झूठा प्रचार' फैलाने का कोई मौका मिले। देश की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्होंने सही समय आने पर ही सच सामने रखा और कहा कि भगवान का शुक्र है कि अब यह मेडिकल समस्या उनके पीछे छूट चुकी है।

इलाज तुरंत कराने को लेकर नेतन्याहू ने क्या तर्क दिया?
अपने लंबे सोशल मीडिया पोस्ट में नेतन्याहू ने अपने इलाज के फैसले को लेकर एक बहुत ही गहरी बात कही है। उन्होंने बताया कि उन्होंने तुरंत इलाज का रास्ता क्यों चुना। इस्राइली प्रधानमंत्री ने कहा कि जब भी उन्हें किसी संभावित खतरे के बारे में समय रहते जानकारी मिल जाती है, तो वह बिना कोई देरी किए तुरंत उसका समाधान करना पसंद करते हैं। 

उन्होंने इसे अपने जीवन और देश की कूटनीति से जोड़ते हुए कहा कि यह बात राष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए भी उतनी ही सच है, जितनी कि उनके व्यक्तिगत स्तर पर उनके स्वास्थ्य के लिए। यानी खतरा चाहे देश की सीमाओं पर हो या खुद के शरीर पर, वे तुरंत और सख्त कदम उठाने में विश्वास रखते हैं।
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