प्रधानमंत्री मोदी और नेतन्याहू ने एक-दूसरे के देशों के दौरे करके करीबी संबंध स्थापित किए हैं। नेतन्याहू ने अपने चुनाव प्रचार में पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के पोस्टरों का भी इस्तेमाल किया था। व्यापार, निवेश, आईटी, हाई टेक्नोलॉजी और रक्षा क्षेत्र में द्विपक्षीय संबंध से दोनों देशों को लाभ हुआ है। इस्राइल भारत का तीसरा सबसे बड़ा रक्षा सहयोगी है। किसी भी नई सरकार से इन संबंधों के प्रभावित होने की संभावना नहीं है।
गठबंधन की शर्तें
- नेतन्याहू और गांत्ज के बीच सरकार चलाने को लेकर 14 पृष्ठ के समझौते पर हस्ताक्षर हुए हैं।
- सरकार में दोनों पक्ष बारी-बारी से पद संभालेंगे।
- पहले 18 महीने नेतन्याहू पीएम रहेंगे और गांत्ज रक्षा मंत्री का पद संभालेंगे।
- समझौते में दोनों नेताओं को सत्ता हथियाने से रोकने की भी व्यवस्था है।
- नेतन्याहू कार्यकाल खत्म करने के बाद गठबंधन तोड़कर चुनाव नहीं करा सकते।
- गांत्ज भी नेतन्याहू पर निचली अदालत में भ्रष्टाचार के आरोप सिद्ध होने के बाद उन्हें पद से नहीं हटा सकेंगे।