Belarus: बेलारूस में रविवार को हुए चुनाव राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको को जीत मिली है। हालांकि, विपक्ष और पश्चिमी देशों ने इन चुनाव परिणामों को खारिज किया है।
बेलारूस में रविवार को हुए चुनाव राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको को जीत मिली है। हालांकि, विपक्ष और पश्चिमी देशों ने इन चुनाव परिणामों को खारिज किया है। लुकाशेंको तीन दशक से भी अधिक समय से सत्ता में बने हुए हैं। विपक्षी नेताओं ने इन चुनाव परिणामों धांधली करार दिया है।
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केंद्रीय चुनाव आयोग ने घोषणा करते हुए कहा कि चुनाव में लुकाशेंकों को करीब 87 फीसदी वोट मिले हैं। लेकिन विपक्षी नेताओं का कहना है कि चुनाव में धांधली हुई है और इस चुनाव में लुकाशेंको के खिलाफ कोई मजबूत प्रतिद्वंद्वी नहीं था। सभी चार अन्य उम्मीदवारों ने उनका समर्थन किया था।
विपक्षी नेताओं का कहना है कि यह चुनाव पहले की तरह पहले की तरह एक धोखा है। जैसा कि 2020 में हुआ था, जब लुकाशेंको के खिलाफ बड़े विरोध प्रदर्शन हुए थे। उस समय 65 हजार से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया था और पीटा गया था। यूरोपीय संघ और ब्रिटेन ने इन चुनाव को अवैध और अलोकतांत्रिक मानते हुए नए प्रतिबंध लगाने की चेतावनी दी है।
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वहीं, जर्मनी की विदेश मंत्री अनालेना बेयरबॉक ने कहा कि इस चुनाव में मतदाताओं को असली विकल्प नहीं मिला और यह स्वतंत्रता और लोकतंत्र की ख्वाहिश रखने वालों के लिए कड़वा दिन था। ब्रिटेन, यूरोपीय संघ और न्यूजीलैंड ने एक साझा बयान में चुनाव परिणामों की निंदा की और इसे धोखाधड़ी वाला राष्ट्रपति चुनाव करार दिया। उन्होंने लुकाशेंको सरकार में मानवाधिकार उल्लंघनों की भी आलोचना की।
लुकाशेंको 1994 से सत्ता में हैं और उन्हें रूस से आर्थिक व राजनीतिक मदद मिलती रही है। 2020 के भारी विरोध प्रदर्शनों के बावजूद उन्होंने अपनी सत्ता बनाए रखी है। उन्होंने कुछ राजनीतिक कैदियों को रिहा किया है। लेकिन विपक्षी नेताओं ने चुनाव परिणामों को 'पूरी तरह बकवास' करार दिया और कहा कि लुकाशेंको ने दुनिया और बेलारूसियों को धोखा दने की कोशिश की है।
कई विश्लेषकों का मानना है कि लुकाशेंको पश्चिमी देशों से प्रतिबंध हटवाने के लिए और बेलारूस की अर्थव्यवस्था को स्थिर करने के लिए कुछ और राजनीतिक कैदियों को रिहा कर सकते हैं।