पायलट की डायरी से खुला प्लेन क्रैश का राज।
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China Plane Crash: चीन की राजधानी बीजिंग में पिछले हफ्ते एक छोटा विमान देश की सबसे ऊंची इमारत से टकरा गया था। इस मामले की जांच कर रहे अधिकारियों ने गुरुवार को चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। जांच रिपोर्ट के अनुसार, विमान उड़ा रहा पायलट लंबे समय से मानसिक तनाव और घबराहट की बीमारी से जूझ रहा था। पायलट की डायरी से पता चला है कि वह अपनी जान देने के बारे में भी सोच रहा था। इस हादसे में पायलट की मौत हो गई थी जबकि 13 अन्य लोग घायल हुए थे।
कैसे हुआ था यह पूरा विमान हादसा?
बीजिंग के चाओयांग जिला प्रशासन द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, यह हादसा 26 जून को हुआ था। दो सीटों वाला छोटा विमान सरकारी कंपनी सीआईटीआईसी ग्रुप के मुख्यालय से टकरा गया था। यह इमारत 100 से ज्यादा मंजिलों वाली है और बीजिंग की सबसे ऊंची बिल्डिंग है। विमान टकराते ही इमारत में काम कर रहे बड़ी संख्या में लोगों को तुरंत वहां से सुरक्षित बाहर निकाला गया। हादसे में घायल हुए 13 लोगों में से किसी की भी हालत गंभीर नहीं बताई गई।
कौन था यह पायलट?
पायलट की पहचान 66 वर्षीय लियू के रूप में हुई है जो बीजिंग का ही रहने वाला था। लियू तलाकशुदा था और घर में अकेला रहता था। उसने साल 2021 में स्पोर्ट पायलट लाइसेंस और 2024 में प्राइवेट पायलट लाइसेंस हासिल किया था। हादसे के दिन उसने बीजिंग के बाहरी इलाके पिंगगू के एक हवाई अड्डे से ऑरोरा एसए60एल विमान में उड़ान भरी थी। पहले उसने एक सहायक के साथ उड़ान भरी और फिर वह अकेले विमान लेकर निकला। अकेले उड़ान भरते समय वह निर्धारित क्षेत्र से बाहर निकल गया और उसका संपर्क हवाई अड्डे से टूट गया।
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कैसे उड़ान भरकर इमारत तक पहुंचा विमान?
जांच अधिकारियों ने लियू की डायरी और मेडिकल इतिहास की जांच की है। जिला प्रशासन ने कहा, 'लियू लंबे समय से अनिद्रा और घबराहट की समस्या से परेशान था। उसकी डायरी में कई बार अपना जीवन खत्म करने का जिक्र मिला है।' प्रशासन ने इस घटना को व्यक्तिगत कारणों से सार्वजनिक सुरक्षा को खतरे में डालने का मामला बताया है। हालांकि रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि विमान शहर के इतने संवेदनशील और घनी आबादी वाले इलाके में कैसे प्रवेश कर गया।
चीन की सुरक्षा व्यवस्था पर क्यों उठ रहे हैं सवाल?
यह विमान हादसा बीजिंग के व्यस्त व्यावसायिक जिले में हुआ जो चीन के शीर्ष नेताओं के निवास स्थान और ग्रेट हॉल ऑफ पीपल से ज्यादा दूर नहीं है। इस घटना के बाद चीन में विमान सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। चीनी सेंसर बोर्ड ने सोशल मीडिया से हादसे से जुड़ी सभी फोटो और पोस्ट को तुरंत हटा दिया था। बीजिंग में किसी भी हल्के विमान को उड़ाने के लिए नागरिक उड्डयन प्रशासन और वायु सेना से कड़ी मंजूरी लेनी पड़ती है।
उड़ानों पर लगी पाबंदी
चीन ने पिछले महीने ही अपने हवाई क्षेत्र को लेकर सख्त नियम लागू किए थे। इसके तहत बिना अनुमति के किसी भी तरह की मनोरंजन उड़ान और ड्रोन उड़ाने पर प्रतिबंध है। इस घटना के बाद पूरे चीन में फ्लाइट स्कूलों को ट्रेनिंग रोकने और सुरक्षा जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। सीआईटीआईसी टावर जिसे चाइना जून भी कहा जाता है 528 मीटर ऊंचा है। विमान के टकराते ही इमारत का मलबा सड़कों और आसपास के बगीचों में गिर गया था जिससे बड़ा खतरा पैदा हो गया था।