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Battle of Bunker Hill: एक गलत मोड़ और छिड़ गया युद्ध..., बंकर हिल की लड़ाई ने कैसे दिलाई अमेरिका को आजादी

Sat, 21 Jun 2025 02:25 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन

सार

थॉमस जेफरसन ने इस लड़ाई के बाद लिखा भी था कि हमने उन्हें दिखा दिया कि हम तर्क करना जानते हैं, अब उन्हें ये भी दिखा देंगे कि हम लड़ना भी जानते हैं।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI
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विस्तार
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अमेरिका ने शनिवार को अपनी आजादी की लड़ाई की एक ऐतिहासिक घटना की 250वीं वर्षगांठ मनाई। इस लड़ाई का नाम है बंकर हिल की लड़ाई। यह सिर्फ एक जंग नहीं थी, बल्कि उस संघर्ष की शुरुआत थी जिसने अमेरिका को एक स्वतंत्र राष्ट्र बनने की दिशा में मोड़ा। 17 जून 1775 को लड़ी गई यह लड़ाई तकनीकी रूप से भले ही ब्रिटिश जीत में गिनी गई, लेकिन अमेरिका की जनता के हौसले ने यह साफ कर दिया था कि वह अब झुकने को तैयार नहीं।
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बंकर हिल की लड़ाई की शुरुआत एक गलती से हुई। उपनिवेशी विद्रोही असल में चार्ल्सटन की ऊंचाई वाली बंकर हिल को किलेबंदी के लिए चुनना चाहते थे, लेकिन गलती से उन्होंने ब्रेड्स हिल पर मोर्चा जमा लिया, जो बंकर हिल से छोटा और ज़्यादा असुरक्षित था। यह गलती ब्रिटिश सेना को हमला करने का बहाना बन गई, और फिर दोनों पक्षों के बीच ज़ोरदार लड़ाई शुरू हो गई।

ब्रिटिश सेना को नाकों चने चबवा दिए
इतिहासकारों के मुताबिक, यह पहली बार था जब अमेरिकी विद्रोहियों ने एक तय जमीन को लेकर ब्रिटेन की नियमित सेना के सामने डटकर मुकाबला किया। विद्रोहियों के पास न तो पर्याप्त बारूद था, न ही अनुशासन। लेकिन उन्होंने ब्रिटिश सेना को भारी नुकसान पहुंचाया। ब्रिटिश पक्ष में करीब 1,000 सैनिक हताहत हुए, जबकि विद्रोहियों की ओर से लगभग 450 लोगों की जान गई। ऐसे में कई अमेरिकी इतिहासकार ये कहते हैं, विद्रोहियों ने ब्रिटिश सेना को इस युद्ध में जमकर परेशान किया था।
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बंकर हिल की लड़ाई ने सिखाए ये सबक
बंकर हिल की लड़ाई से यह स्पष्ट हो गया कि अमेरिका की आजादी की लड़ाई जल्द खत्म नहीं होगी। इस युद्ध ने यह भी दिखाया कि कैसे एक संगठित सेना के सामने भी एक प्रेरित जनता अपनी जमीन छोड़ने को तैयार नहीं होती। थॉमस जेफरसन ने इस लड़ाई के बाद लिखा भी था कि हमने उन्हें दिखा दिया कि हम तर्क करना जानते हैं, अब उन्हें ये भी दिखा देंगे कि हम लड़ना भी जानते हैं। जेफरसन अमेरिका के तीसरे राष्ट्रपति बने।
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हौसले की जीत है बंकर हिल की लड़ाई
250 साल बाद भी बंकर हिल की लड़ाई अमेरिकी चेतना का अहम हिस्सा है। यह लड़ाई उस साहस और जज़्बे का प्रतीक है, जो एक क्रांति को जन्म देता है। चाहे वह रणनीतिक चूक रही हो या सैन्य हार, यह जंग अमेरिकी स्वतंत्रता संग्राम का सबसे प्रभावशाली मोड़ साबित हुई एक ऐसा मोड़ जिसने पूरी दुनिया को दिखा दिया कि लड़ाई सिर्फ बंदूकों से नहीं, हौसलों से जीती जाती है।

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