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Impact of Western Sanctions: बांग्लादेश अब रूस को करेगा चीनी मुद्रा के जरिए भुगतान

Tue, 18 Apr 2023 08:53 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका

सार

Impact of Western Sanctions: बांग्लादेश पर रूस की 11 करोड़ डॉलर के बराबर की रकम बकाया है। इस मुद्दे पर बातचीत करने के लिए पिछले हफ्ते रूस का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ढाका आया। उसकी यहां वित्त मंत्रालय के अधिकारियों के साथ बातचीत हुई...
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Bangladesh Prime Minister Sheikh Hasina in a meeting with Russian President Vladimir Putin - फोटो : Agency (File Photo)
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विस्तार
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रूस को भुगतान के रास्ते में आई रुकावटों को दूर करने का रास्ता बांग्लादेश ने तलाश लिया है। बांग्लादेश को यह भुगतान देश में बन रहे परमाणु संयंत्र के बदले रूस को करना है। पिछले साल रूस पर पश्चिमी देशों का प्रतिबंध लगने के बाद उसे भुगतान के रास्ते में रुकावट आ खड़ी हुई थी। लेकिन अब खबर है कि बांग्लादेश चीनी मुद्रा युवान के जरिए भुगतान करेगा।

बांग्लादेश पर रूस की 11 करोड़ डॉलर के बराबर की रकम बकाया है। इस मुद्दे पर बातचीत करने के लिए पिछले हफ्ते रूस का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ढाका आया। उसकी यहां वित्त मंत्रालय के अधिकारियों के साथ बातचीत हुई। उस दौरान दोनों पक्षों में इस बात पर सहमति बन गई कि बकाया रकम का भुगतान युवान के जरिए किया जाएगा।

रूस बांग्लादेश के रूपपुर में परमाणु बिजली संयंत्र बना रहा है। भुगतान न होने के कारण यहां काम धीमी गति से आगे बढ़ पा रहा है। बांग्लादेश के आर्थिक संबंध प्रभाग में अतिरिक्त सचिव उत्तम कुमार करमाकर के मुताबिक दोनों पक्षों की बातचीत में इस पर सहमति बनी कि मौजूदा हालात के बीच चीनी मुद्रा में भुगतान सबसे व्यावहारिक तरीका है। करमाकर ने वेबसाइट निक्कईएशिया.कॉम से बातचीत में कहा- ‘रूसी बैंकों पर लगे प्रतिबंध के कारण हम अमेरिकी डॉलर में भुगतान नहीं कर पा रहे हैं। रूस ने मांग की थी कि भुगतान उसकी मुद्रा यानी रुबल में किया जाए। लेकिन यह संभव नहीं था। इसलिए दोनों देशों ने युवान में भुगतान का निर्णय लिया।’

रूपपुर परमाणु बिजली संयंत्र से 2,400 मेगावाट बिजली पैदा होगी। बांग्लादेश की बिजली जरूरतों के लिहाज से इस परियोजना को बेहद अहम माना जा रहा है। खास कर इसका महत्त्व इसलिए भी बढ़ गया है, क्योंकि बांग्लादेश सरकार ने बिजली उत्पादन में कोयले का उपयोग घटाने की नीति अपना ली है। अब उम्मीद जताई जा रही है कि भुगतान की समस्या हल होने पर रूपपुर परियोजना पर काम अधिक तेजी से आगे बढ़ेगा।

इस बीच ताजा घटना को दुनिया में डॉलर का विकल्प ढूंढने की तेज हो गई रफ्तार से जोड़ कर देखा जा रहा है। इस परिघटना का लाभ युवान को मिल रहा है। जानकारों के मुताबिक इससे युवान की अंतरराष्ट्रीय पहचान ऊंची हो रही है। बांग्लादेश और रूस के बीच हुए समझौते के मुताबिक रूस को भुगतान एक चीनी बैंक के माध्यम से होगा। बांग्लादेश उस बैंक में रकम जमा कराएगा, जहां से चीन के भुगतान सिस्टम क्रॉस-बॉर्डर इंटरबैंक पेमेंट सिस्टम (सिप्स) का इस्तेमाल करते हुए रूसी कंपनियां वह रकम प्राप्त करेंगी। चीन ने डॉलर में भुगतान के लिए दुनिया में प्रचलित सिस्टम स्विफ्ट के विकल्प के रूप में सिप्स को विकसित किया है।

स्विफ्ट से दुनिया भर के 11 हजार से ज्यादा बैंक जुड़े हुए हैं। जबकि सिप्स के सदस्य बैंकों की संख्या सिर्फ 1,280 है। जहां स्विफ्ट से रोजाना पांच करोड़ फंड ट्रांसफर होते हैं, वहीं सिप्स के जरिए बमुश्किल 15 हजार लेन-देन हो रहे हैं। लेकिन पिछले एक साल के दौरान सिप्स का इस्तेमाल करने वाले देशों और बैंकों की संख्या तेजी से बढ़ी है।

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