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Bangladesh Unrest: बांग्लादेश में बिगड़े हालात, हिंदू शख्स की मॉब लिंचिंग पर यूनुस सरकार बोली- बख्शेंगे नहीं

Fri, 19 Dec 2025 05:17 PM IST
देवेश त्रिपाठी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका

सार

शरीफ उस्मान हादी को 12 दिसंबर को ढाका में चुनाव प्रचार के दौरान नकाबपोश हमलावरों ने उनके सिर में गोली मार दी थी। हादी इंकलाब मंच के प्रवक्ता थे। अगले साल होने वाले राष्ट्रीय चुनाव में उस्मान हादी भी उम्मीदवार थे।
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बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस। - फोटो : ANI
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विस्तार
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बांग्लादेश में युवा नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद हिंसा भड़क गई है। राजधानी ढाका समेत कई इलाकों में भीड़ आगजनी और हिंसक प्रदर्शन कर रही है। इस बीच बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने शुक्रवार को देश के लोगों से हिंसक प्रदर्शनों से दूरी बनाने की अपील की है।

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हिंसक प्रदर्शनों में एक हिंदू व्यक्ति की पीट-पीटकर की गई हत्या के बाद अंतरिम सरकार ने बयान जारी किया है। यूनुस सरकार ने कहा कि कुछ असामाजिक तत्वों की ओर से की जा रही हिंसा का सभी बांग्लादेशी नागरिक विरोध करें। उन्होंने हिंसा में मारे गए हिंदू शख्स की हत्या की भी निंदा की।

हिंदू व्यक्ति की मॉब लिंचिंग की यूनुस सरकार ने की निंदा
मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने एक बयान में कहा कि नए बांग्लादेश में ऐसी हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है। बयान में आगे कहा गया है कि इस जघन्य अपराध के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। बांग्ला ट्रिब्यून समाचार पोर्टल की रिपोर्ट के अनुसार, मयमनसिंह शहर में गुरुवार को कथित ईशनिंदा के आरोप में दीपू चंद्र दास नामक एक हिंदू शख्स की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। भीड़ ने हत्या करने के बाद उसके शव को आग लगा दी।
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मुख्य सलाहकार की मीडिया टीम की ओर से जारी बयान में कहा गया है, 'हम हिंसा, धमकी, आगजनी और संपत्ति को नष्ट करने के सभी कृत्यों की कड़ी और स्पष्ट रूप से निंदा करते हैं।' बयान में कहा गया है, 'इस नाजुक घड़ी में, हम प्रत्येक नागरिक से हिंसा, उकसावे और नफरत को अस्वीकार करके और उनका विरोध करके हादी का सम्मान करने का आह्वान करते हैं।'

शुक्रवार के दिन नहीं हुई हिंसा की कोई घटना
हालांकि, शुक्रवार को दिन के दौरान हिंसा की कोई घटना सामने नहीं आई, लेकिन गुरुवार रात प्रदर्शनकारियों ने बांग्लादेश के संस्थापक पिता शेख मुजीबुर रहमान के आवास की पहले से ही ध्वस्त इमारत में तोड़फोड़ की। इसके साथ ही ढाका में दो प्रमुख अखबारों के दफ्तरों पर हमला कर आगजनी की। प्रदर्शनकारियों ने चटगांव में सहायक भारतीय उच्चायुक्त के आवास पर ईंट-पत्थर भी फेंके। पुलिस ने आंसू गैस के सहारे और लाठीचार्ज करके भीड़ को तितर-बितर किया और 12 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। 

अखबारों के दफ्तरों पर हमले की भी की निंदा
बयान में कहा गया, 'यह हमारे राष्ट्र के इतिहास का एक महत्वपूर्ण क्षण है जब हम एक ऐतिहासिक लोकतांत्रिक परिवर्तन से गुजर रहे हैं। हम इसे उन कुछ लोगों की ओर से पटरी से उतरने नहीं दे सकते और न ही देना चाहिए जो अराजकता पर पनपते हैं और शांति को नकारते हैं।' यूनुस सरकार की ओर से जारी बयान में मीडिया संस्थानों पर हुए हमलों की भी निंदा की गई है। बयान में कहा गया है कि मीडिया संस्थानों पर हमला स्वतंत्र मीडिया पर हमले के समान है। यह घटना देश की लोकतांत्रिक प्रगति और स्वतंत्र पत्रकारिता के मार्ग में एक बड़ा रोड़ा बन गई है।

इसमें कहा गया है कि आगामी चुनाव और जनमत संग्रह महज राजनीतिक कवायद नहीं हैं। ये एक गंभीर राष्ट्रीय प्रतिबद्धता हैं। अगले साल 12 फरवरी को होने वाले आम चुनावों में उम्मीदवार उस्मान हादी की हमले के छह दिन बाद सिंगापुर के एक अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। हादी पिछले साल के जुलाई विद्रोह के प्रमुख नेताओं में से एक थे और शेख हसीना के नेतृत्व वाली सरकार को सत्ता से बेदखल करने वालों में शामिल थे। पिछले साल अगस्त में सत्ता से बेदखल होने के बाद बांग्लादेश से भागकर आई शेख हसीना फिलहाल भारत में हैं।
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