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बांग्लादेश: रहमान की कैबिनेट में दो अल्पसंख्यक समुदाय के नेताओं को मिली जगह, चौधरी और दीवान ने ली शपथ

Tue, 17 Feb 2026 03:35 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

बांग्लादेश में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी ने जीत हासिल की। इसके बाद आज तारीक रहमान प्रधानमंत्री पद की शपथ ले रहे हैं।  उनके कैबिनेट में दो अल्पसंख्यक समुदाय के नेताओं को जगह दी गई है। आइए जानतें हैं कि यह कौन है? 

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बांग्लादेश के अगला प्रधानमंत्री तारिक रहमान - फोटो : X-BNP
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विस्तार
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बांग्लादेश के 13वें संसदीय चुनाव में तारिक रहमान के नेतृत्व में बीएनपी को जबरदस्त जीत मिली। तारिक रहमान ने अपनी कैबिनेट में दो अल्पसंख्यक समुदाय के नेताओं को जगह दी गई है। 25 सांसदों ने मंत्री पद की शपथ ली। इनमें निताई रॉय चौधरी का नाम भी शामिल है। हालांकि पहले चर्चा थी कि चौधरी के समधी और अहम महकमों के मंत्री रह चुके गोयेश्वर चंद्र रॉय को जगह मिलेगी। वहीं दूसरे अल्पसंख्यक नेता का नाम दीपेन दीवान है।

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रहमान की कैबिनेट में शामिल 25 नाम हैं
मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर, अमीर खोशरू महमूद चौधरी, सलाहुद्दीन अहमद, इकबाल हसन महमूद, मेजर (रिटायर्ड) हाफिज उद्दीन अहमद बीर बिक्रम, अबू जफर मोहम्मद जाहिद हुसैन, डॉ. खलीलुर रहमान, अब्दुल अव्वल मिंटू, काजी शाह मोफज्जल हुसैन कैकोबाद, मिजानुर रहमान मीनू, निताई रॉय चौधरी (हिंदू नेता), खंडेकर अब्दुल मुक्तदिर, अरिफुल हक चौधरी, जहीर उद्दीन स्वपन, मोहम्मद अमीन उर रशीद, अफरोजा खानम रीटा, शाहिद उद्दीन चौधरी एनी, असदुल हबीब दुलु, मोहम्मद असदुज्जमां, जकारिया ताहिर, दीपेन दीवान (अल्पसंख्यक), एएनएम एहसानुल हक मिलन, सरदार मोहम्मद सखावत हुसैन, फकीर महबूब अनम, और शेख रबीउल आलम।

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निताई रॉय चौधरी एक बांग्लादेशी वकील
तृतीयोमात्रा डॉट कॉम के मुताबिक, 1949 में पैदा हुए निताई रॉय चौधरी एक बांग्लादेशी वकील, राजनीतिज्ञ, और पूर्व मंत्री हैं। निताई रॉय चौधरी, जो मगुरा निर्वाचन क्षेत्र से सांसद चुने गए हैं। पार्टी के शीर्ष रणनीतिकारों में से एक हैं और शीर्ष नेतृत्व के वरिष्ठ रणनीतिक सलाहकार माने जाते हैं। उन्होंने जमात-ए-इस्लामी के प्रत्याशी को सीधी टक्कर में मात दी। 12 फरवरी 2026 को हुए 13वें संसदीय चुनाव में उन्होंने मगुरा-2 संसदीय क्षेत्र से जीत हासिल की। निताई रॉय चौधरी को 147896 वोट मिले हैं। उन्होंने जमात उम्मीदवार मुस्तर्शीद बिल्लाह को 30,838 वोटों के अंतर से हराया है।

अल्पसंख्यक समुदाय के प्रमुख चेहरों में से एक है गोयेश्वर रॉय
हालांकि चर्चा गोयेश्वर रॉय को लेकर थी, जो बांग्लादेश की राजनीति में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के प्रमुख चेहरों में से एक माने जाते हैं। खालिदा जिया सरकार में लगभग 30 साल पहले (1991-1996) वो राज्य मंत्री थे। दूसरे अल्पसंख्यक नेता दीपेन दीवान, बौद्ध मेजोरिटी वाले चकमा एथनिक माइनॉरिटी ग्रुप से हैं। इन्होंने दक्षिण-पूर्व रंगमती जिले की एक सीट से जीत हासिल की। हालांकि उनकी धार्मिक पहचान साफ नहीं है। कई लोग उन्हें हिंदू बताते हैं। दीवान ने अपने सबसे करीबी प्रतिद्वंद्वी के तौर पर एक निर्दलीय चकमा उम्मीदवार को हराया।

नव निर्वाचित सांसदों ने मंगलवार को ढाका में नेशनल पार्लियामेंट के साउथ प्लाजा में शपथ ली। इसके साथ ही बीएनपी अध्यक्ष रहमान ने मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस को तगड़ा झटका दिया और बीएनपी सांसदों ने कॉन्स्टिट्यूशन रिफॉर्म काउंसिल के मेंबर के तौर पर शपथ नहीं ली।
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