बांग्लादेश में उन्मादी भीड़ की बर्बरता एक फिर देखने को मिली। शुक्रवार की देर रात उपद्रवियों ने एक घर को बाहर से बंद कर पेट्रोल डालकर आग लगा दी, जिसमें सात साल की बच्ची की मौत हो गई और तीन लोग झुलस गए। वहीं, कट्टरपंथी और भारत विरोधी युवा नेता शरीफ उस्मान हादी को दफनाए जाने के बाद बवाल मचाती उग्र भीड़ ने संसद भवन पर हमला करने की कोशिश की। हादी को दफनाने के बाद भीड़ ने नारेबाजी करते हुए संसद भवन की तरफ मार्च किया और परिसर में घुसने की कोशिश की। हालांकि, सुरक्षा बलों ने दखल दिया और मार्च को रोका।
इसके बाद सुरक्षा बलों ने हल्का बल प्रयोग करते हुए प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर कर दिया। इस तरह एक बार फिर अगस्त जैसी स्थिति पैदा होने से बच गई, जब शेख हसीना के खिलाफ सड़क पर उतरे युवाओं की भीड़ ने संसद परिसर में जमकर उत्पाद मचाया था।
कट्टरपंथी नेता की मौत के बाद हिंसा की आग में जल रहे बांग्लादेश में शुक्रवार दिन में थोड़ी शांति रही। लेकिन शाम के वक्त हादी का शव सिंगापुर से ढाका पहुंचने पर हालात फिर बिगड़ गए। जगह-जगह उपद्रवियों ने बवाल शुरू कर दिया। इसी दौरान, उपद्रवियों ने लक्ष्मीपुर सदर इलाके में पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की पार्टी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के नेता बिलाल हुसैन के घर पर रात करीब एक बजे हमला बोल दिया।
उन्मादी भीड़ ने पहले तोड़फोड़ की और उसके बाद घर को आग के हवाले कर दिया। इसमें बिलाल की सात साल की बेटी आयशा अख्तर की मौत हो गई। आग में झुलसे बिलाल और उसकी 16 और 14 साल की स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर होने पर उसकी दोनों बेटियों को इलाज के लिए ढाका भेजा गया है। दोनों लड़कियां 50-60 फीसदी तक जली हुई हैं।
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कड़ी सुरक्षा में हादी सुपुर्दे खाक
हादी को शनिवार को कड़ी सुरक्षा के बीच ढाका विश्वविद्यालय परिसर में बांग्लादेश के राष्ट्रीय कवि काजी नजरुल इस्लाम के मकबरे के बगल में दफना दिया गया। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि पहले की घोषणा के अनुसार, शव को सार्वजनिक दर्शन के लिए नहीं रखा गया था और केवल चुनिंदा लोगों को ही दफनाने की प्रक्रिया देखने की अनुमति दी गई थी। दफनाने के लिए उसके को लाए जाते वक्त उपद्रवियों ने भारत विरोधी नारे लगाए। इससे पहले, संसद भवन परिसर के साउथ प्लाजा में इंकलाब मंच के हादी के जनाजे की नमाज अदा की गई। इसमें अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद युनूस और सेना प्रमुख जनरल वकार उज जमा शामिल हुए। यूनुस ने हादी द्वारा जनता से किए गए वादे को पूरा करने का संकल्प लिया।
सख्त पहरे में रहा संसद भवन
हादी के जनाजे में शामिल भीड़ की ओर से हमले की आशंका को देखते हुए पहले ही संसद भवन परिसर की सुरक्षा सख्त कर दी गई थी। क्षेत्र में ड्रोन उड़ाने पर भी प्रतिबंध लगा दिया था और अंतिम संस्कार में शामिल होने के इच्छुक लोगों को बैग या भारी वस्तुएं नहीं लाने को कहा गया था। सिंगापुर से हादी का शव ढाका पहुंचने पर उपद्रवियों ने उदिची संस्था के कार्यालय को जला दिया। यह संस्था कट्टरपंथियों के विरोध में काम करती है।
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हिंदू युवक की हत्या में सात गिरफ्तार
ईश निंदा के आरोप में 25 वर्षीय दीपू चंद्र दास की पीट-पीट कर हत्या करने और फिर पेड़ से लटाकाकर उसके शव को जलाने के मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। शनिवार को मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि रैपिड एक्शन बटालियन (आरएबी) ने इस मामले में सात लोगों को संदिग्ध के तौर पर गिरफ्तार किया है। विभिन्न स्थानों से गिरफ्तार किए गए संदिग्धों की उम्र 19 से 46 वर्ष के बीच है।
बांग्लादेश के खिलाफ कोलकाता में प्रदर्शन
कोलकाता में स्थानीय बंगाली समर्थक संगठन बांग्ला पोक्खो ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यक बंगाली हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए कोलकाता में बांग्लादेश दूतावास के सामने प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन हिंसक हो गया क्योंकि पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें हुईं।
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सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम
इंकलाब मंच ने हादी के हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम जारी किया है। इंकलाब मंच के सदस्य सचिव अब्दुल्ला अल जाबेर ने कहा कि अगर सरकार रविवार शाम 5:15 बजे तक कोई जवाब नहीं देती है, तो वह शाहबाग में फिर से धरना देंगे। हादी की जनाजे की नमाज के बाद ढाका के शाहबाग चौराहे पर हजारों लोग जमा हुए थे। इस बीच, ढाका की एक अदालत ने हादी की हत्या के आरोप में गिरफ्तार तीन आरोपियों को चार दिन के पुलिस हिरासत में भेज दिया है। ये तीनों मुख्य आरोपी फैजल करीम मसूद के संबंधी हैं।