बांग्लादेश राजनीतिक अस्थिरता से जूझ रहा है। पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के बहाने देश का विदेश मंत्रालय भगोड़े जाकिर नाईक को बचाने में जुट गया है। विदेश मंत्रालय ने हसीना की तरफ इशारा करते हुए कहा कि किसी भी देश को भगोड़े को शरण नहीं देनी चाहिए। जानिए क्या है पूरा मामला
बांग्लादेश के राजनीतिक हालात ठीक नहीं हैं। अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना को भारत में मिली शरण का बहाना लेकर बांग्लादेश भारत के दुश्मन जाकिर नाईक को बचाने में जुट गया है। बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने रविवार को कहा कि किसी भी राष्ट्र को दूसरे देश के भगोड़े को शरण नहीं देनी चाहिए। प्रवक्ता ने यह प्रतिक्रिया भारत में भगोड़ा घोषित विवादित मौलाना जाकिर नाईक के बांग्लादेश में प्रस्तावित कार्यक्रम पर भारतीय विदेश मंत्रालय की तरफ से चिंता जताए जाने पर दी।
विज्ञापन
भगोड़े व्यक्ति को शरण नहीं देनी चाहिए
बांग्लादेश विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता एसएम महबूबुल आलम ने कहा, हमने भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता की किसी धार्मिक उपदेशक की बांग्लादेश यात्रा की संभावना के बारे में की गई टिप्पणी पर ध्यान दिया है। हमारा यह भी मानना है कि भारत समेत किसी भी देश को किसी भी अन्य देश के आरोपी या भगोड़े व्यक्ति को शरण नहीं देनी चाहिए।
विवादित मौलाना जाकिर नाईक को बांग्लादेश लाने के संकेत
आलम का इशारा बांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना की तरफ था, जिन्होंने भारत में शरण ले रखी है। अदालत ने उन्हें फरार घोषित कर रखा है। स्पार्क इवेंट मैनेजमेंट नामक एक कंपनी ने हाल ही में एक फेसबुक पोस्ट में कहा था कि वह विवादित मौलाना जाकिर नाईक को बांग्लादेश लाएगी।
विज्ञापन
बांग्लादेश यात्रा 28 नवंबर से 20 दिसंबर तक
मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार ने जाकिर की एक महीने की यात्रा को मंजूरी दी है। उसकी बांग्लादेश यात्रा 28 नवंबर से 20 दिसंबर तक चलेगी। इस दौरान वह देशभर में घूमेगा और भाषण देगा।