बांग्लादेश के उच्चतम न्यायालय ने चुनाव कराने के लिए किसी राजनीतिक दल के प्रति झुकाव नहीं रखने वाली अंतरिम सरकार को बहाल करने का बृहस्पतिवार को आदेश दिया। यह सर्वदलीय सरकार होगी।
बांग्लादेश के उच्चतम न्यायालय ने किसी राजनीतिक दल के प्रति झुकाव नहीं रखने वाली अंतरिम सरकार को बहाल करने का बृहस्पतिवार को आदेश दिया। प्रधान न्यायाधीश सैयद रेफात अहमद के नेतृत्व वाली उच्चतम न्यायालय के शीर्ष अपीलीय प्रभाग ने यह आदेश जारी किया। इस आदेश में पिछले सांविधानिक प्रावधान को बहाल किया, जिसे अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना की अवामी लीग सरकार के दौरान रद्द कर दिया गया था।
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हालांकि, शीर्ष कोर्ट ने फैसले में प्रणाली को धीरे-धीरे लागू करने की बात की है। शीर्ष अदालत ने कहा कि यह योजना 13वें संसदीय चुनावों पर लागू नहीं होगी, जिससे अब प्रतिबंधित हो चुकी अवामी लीग चुनाव की दौड़ से बाहर हो जाएगी।
बांग्लादेश में अंतरिम सरकार प्रणाली की शुरूआत 1996 में हुई थी और उसके बाद दो न सेवानिवृत्त प्रधान न्यायाधीशों की निगरानी में हुए दो चुनावों में 90 दिनों न के भीतर विजेता को सत्ता हस्तांतरित कर दी गई। फैसले के अनुसार मुहम्मद युनूस की मौजूदा अंतरिम सरकार फरवरी में प्रस्तावित चुनाव की देखरेख करेंगी, जबकि उसके बाद का चुनाव बहाल की गई कार्यवाहक सरकार प्रणाली के तहत होगी।
मुख्य न्यायाधीश सैयद रेफात अहमद की अध्यक्षता वाली सात सदस्यीय पीठ ने यह फैसला सुनाया और न्यायालय के 2011 के उस फैसले को पलट दिया जिसमें कार्यवाहक प्रणाली को रद्द कर दिया गया था। इस बीच, 17 नवंबर को एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया, जब बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण ने शेख हसीना और उनके करीबी सहयोगी, पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान को मौत की सजा सुनाई।