शुरूआती नतीजों में अवामी लीग के नेतृत्व वाले महागठबंधन की जीत का संकेत मिलने के बाद एनयूएफ के संयोजक और वरिष्ठ वकील कमल हुसैन ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम नतीजों को खारिज करते हैं और निष्पक्ष सरकार के तहत नए सिरे से चुनाव कराने की मांग करते हैं।’’ हुसैन गोनो फोरम पार्टी के प्रमुख हैं।
हुसैन ने चुनाव आयोग से अनुरोध किया, ‘‘हम आपसे इस चुनाव को तुरंत रद्द करने की मांग करते हैं।’’ उन्होंने दावा किया, ‘‘हमें खबर मिली है कि सभी मतदान केंद्रों पर फर्जीवाड़ा हुआ है।’’
बीएनपी महासचिव मिर्जा फखरूल इस्लाम आलमगीर ने चुनाव को ‘क्रूर मजाक’ बताया। वह अपनी उत्तर पश्चिमी सीट से चुनाव जीतने में कामयाब रहे। पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की अनुपस्थिति में वही पार्टी की कमान संभाल रहे हैं।
इन नतीजों के बाद जहां शेख हसीना चौथी बार देश की प्रधानमंत्री बनेंगी वहीं उनकी मुख्य प्रतिद्वंद्वी खालिदा जिया ढाका जेल में अनिश्चित भविष्य का सामना कर रही हैं। वह कथित तौर पर आंशिक रूप से लकवाग्रस्त भी हैं।
मतदान कल सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक कराए गए थे। मतदान के दौरान हिंसा की काफी घटनाएं हुई थीं। ‘डेली स्टार’ समाचार पत्र के अनुसार चुनाव संबंधी हिंसा में आठ जिलों में सुरक्षा एजेंसी के एक सदस्य समेत कम से कम 17 लोग मारे गए थे और कई अन्य घायल हुए थे।
खबरों के अनुसार मरने वालों में ज्यादातर सत्तारूढ़ पार्टी के कार्यकर्ता थे जबकि अन्य लोगों में विपक्षी बीएनपी या उसके सहयोगी दलों के कार्यकर्ता भी शामिल थे।