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Bangladesh: बांग्लादेश में ताकतवर पूर्व सेना अधिकारी गिरफ्तार, 2007 में सरकार बदलने में निभाई थी अहम भूमिका

Tue, 24 Mar 2026 03:52 PM IST
Nirmal Kant वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका।

सार

Bangladesh: बांग्लादेश में साल 2007 में सरकार बदलने में अहम भूमिका निभाने वाले पूर्व सेना अधिकारी मसूद उद्दीन चौधरी को पांच मामलों में गिरफ्तार किया गया है। वह उस सेना समर्थित अंतरिम सरकार के प्रमुख चेहरों में थे, जिसने करीब दो साल तक देश पर शासन किया था और भ्रष्टाचार विरोधी अभियान भी चलाए थे। पढ़िए रिपोर्ट-
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गिरफ्तारी (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : एडॉब स्टॉक
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विस्तार
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बांग्लादेश के एक प्रभावशाली पूर्व सेना अधिकारी को गिरफ्तार किया गया है। यह अधिकारी 2007 में तब चर्चा में आए थे, जब उन्होंने सेना समर्थित अंतरिम सरकार बनाने में अहम भूमिका निभाई थी।  पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
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सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी ने क्या भूमिका निभाई थी?
पुलिस के मुताबिक, सादे कपड़ों में अधिकारियों ने सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल मसूद उद्दीन चौधरी को सोमवार रात ढाका के बारिधारा स्थित उनके घर से गिरफ्तार किया। उन्हें 2007 में सरकार बदलने और अंतरिम सरकार स्थापित करने में प्रमुख भूमिका निभाने वालों में माना जाता है। यह अंतरिम सरकार 2008 के चुनाव तक करीब दो साल तक सत्ता में रही थी।

जांच शाखा के प्रमुख शफीकुल इस्लाम ने बताया कि मसूद उद्दीन चौधरी को उनके खिलाफ दर्ज पांच मामलों के संबंध में गिरफ्तार किया गया है। हालांकि, उन्होंने इन मामलों के आरोपों के बारे में विस्तार से जानकारी नहीं दी।
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राजदूत और सांसद भी रहे मसूद उद्दीन चौधरी
चौधरी बाद में ऑस्ट्रेलिया में बांग्लादेश के राजदूत भी रहे और फिर जातीय पार्टी से सांसद बने। जातीय पार्टी पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की अवामी लीग की सहयोगी थी, जिसने दिसंबर 2008 के चुनाव में दो-तिहाई बहुमत हासिल किया था। 2007 में सेना के समर्थन से बनी अंतरिम सरकार को पर्दे के पीछे हुए '1/11' (11 जनवरी 2007 को हुआ राजनीतिक) घटनाक्रम का नतीजा माना जाता है। माना जाता है कि इस सरकार का मकसद दो बड़े नेताओं अवामी लीग की शेख हसीना और बीएनपी की खालिदा जिया को राजनीति से हटाना था।

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करीब दो साल तक चली इस अंतरिम सरकार के दौरान मौजूदा प्रधानमंत्री तारीक रहमान को भी गिरफ्तार किया गया था। उन पर कई आपराधिक और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए थे। हिरासत में उनके साथ कथित रूप से दुर्व्यवहार भी हुआ था। उस समय चौधरी गंभीर अपराधों पर राष्ट्रीय समन्वय समिति के समन्वयक थे, जिसके तहत भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान चलाए गए।

मां के निधन के बाद सत्ता में लौटे बीएनपी के तारीक रहमान
तारीक रहमान बाद में ब्रिटेन चले गए थे, जहां उन्होंने 17 साल बिताए। वह पिछले साल दिसंबर में अपनी मां खालिदा जिया के निधन से पांच दिन पहले देश लौटे। लंबी बीमारी के बाद उनकी मां का निधन हो गया था। इसके बाद बीएनपी ने उन्हें पार्टी की कमान सौंपी और 12 फरवरी के चुनाव में उनके नेतृत्व में पार्टी ने दो-तिहाई सीटें जीतकर सत्ता हासिल की।
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इससे पहले, मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के दौरान पिछले साल जुलाई में एक अदालत ने चौधरी की चल संपत्ति जब्त करने का आदेश दिया था। चौधरी की गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है, जब उस दौर के सेना प्रमुख जनरल मोईन अहमद अमेरिका में रह रहे हैं और कुछ अन्य प्रभावशाली सैन्य अधिकारी भी विदेश में हैं।

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