प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा कि मुझे लगता है कि कोविड महामारी के कारण तीन साल के लंबे अंतराल के बाद मेरी यात्रा ने बांग्लादेश-भारत संबंधों में एक नया द्वार खोल दिया है।
भारत के दौरे पर आई बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा कि उनकी भारत यात्रा से बांग्लादेश को फायदा हुआ है और वह "खाली हाथ" नहीं लौटी हैं। हसीना करीब एक हफ्ते बाद वह पांच से आठ सितंबर तक भारत की चार दिवसीय यात्रा के बाद स्वदेश लौटी।
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उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि कोविड महामारी के कारण तीन साल के लंबे अंतराल के बाद मेरी यात्रा ने बांग्लादेश-भारत संबंधों में एक नया द्वार खोल दिया है। उन्होंने कहा कि भारत ने बहुत ईमानदारी दिखाई है और मैं खाली हाथ नहीं लौटी हूं।
विपक्ष के नेताओं ने कहा था हसीना को भारत यात्रा से कुछ नहीं मिला
उनकी टिप्पणी तब आई जब संसद के बाहर मुख्य विपक्ष के नेताओं ने आरोप लगाया कि बांग्लादेश को उनकी भारत यात्रा से कुछ नहीं मिला, जबकि इसके महासचिव मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने कहा कि पीएम हसीना भारत से निपटने में असमर्थ हैं।
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पीएम हसीना ने कहा कि सीमा पार कुशियारा नदी पर एक समझौता ज्ञापन उनके दौरे की प्रमुख उपलब्धियों में से एक था क्योंकि इससे बांग्लादेश के पूर्वोत्तर सिलहट क्षेत्र में अचानक और लंबी बाढ़ से 5,820,000 हेक्टेयर भूमि की रक्षा करने की उम्मीद थी।
उन्होंने कहा कि समझौता ज्ञापन के अनुसार, बांग्लादेश को सूरमा-कुशियारा परियोजना के तहत कुशियारा नदी से 153 क्यूसेक पानी मिलेगा और इसके परिणामस्वरूप, रहीमपुर लिंक नहर के माध्यम से 5,000 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई की सुविधा मिलेगी।