शेख मुजीबुर्रहमान की 100वीं जयंती पर आयोजित समारोह में प्रधानमंत्री मोदी को विशेष अतिथि के रूप में बुलाने का बांग्लादेश के कट्टरपंथी विरोध कर रहे हैं। ढाका में मोदी के बुलावे को एक रैली निकालकर रद्द करने की मांग भी की गई। ढाका ट्रिब्यून के मुताबिक प्रदर्शनकारियों ने धमकी दी है कि यदि सरकार ने मोदी को भेजा आमंत्रण वापस नहीं लिया तो वे एयरपोर्ट पर मोदी के आने पर विरोध करेंगे।
एक तरफ जहां बांग्लादेश प्रधानमंत्री मोदी को न्योता दे रहा है, वहीं दूसरी ओर भारत सरकार ने बीते बुधवार को ही बांग्लादेशी छात्रा को जल्द से जल्द अपने देश लौटने का निर्देश दिया है। दरअसल, विश्वभारती विश्वविद्यालय में पढ़ने वाली बांग्लादेश की छात्रा को भारत सरकार-विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में देश छोड़ने का निर्देश दिया गया है।
केंद्र सरकार ने इस संबंध में उसे नोटिस भी जारी किया है। कला संकाय की अफसारा अनिका मीम नामक छात्रा ने सीएए विरोधी प्रदर्शनों की तस्वीरें फेसबुक पर पोस्ट की थीं। बुधवार को जारी नोटिस में उसके सरकार विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का उल्लेख है। ऐसा करना भारतीय वीजा नियमों का उल्लंघन है। उसे नोटिस मिलने से 15 दिन के भीतर देश छोड़ने को कहा गया है।
बांग्लादेश के कुश्टिया जिले की अफसारा ने 2018 में विश्वविद्यालय के बीए डिजाइन पाठ्यक्रम में दाखिला लिया। एसएफआई के एक सदस्य ने बताया, अफसारा ने दिसंबर में परिसर में सीएए विरोधी प्रदर्शनों के संबंध में फेसबुक पर कुछ पोस्ट साझा की थीं।
वह तभी से दक्षिणपंथियों के निशाने पर थी और उसे सोशल मीडिया पर ट्रोल किया जा रहा था। छात्रा ने इस मुद्दे पर बात करने से इनकार कर दिया। उसने बुधवार को कहा था कि कुछ लोगों के ट्रोल करने के बाद उसने अपना फेसबुक अकाउंट बंद कर दिया था। विश्व भारती प्रबंधन ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की। वहीं, छात्रा ने नोटिस पर पुनर्विचार की अपील की है।