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बांग्लादेश: पीएम मोदी को मुजीबुर्रहमान के शताब्दी समारोह का न्योता, कट्टरपंथी कर रहे विरोध

Sat, 29 Feb 2020 06:29 PM IST
योगेश साहू वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन।
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Mahatama Gandhi and PM Modi - फोटो : PTI (File)
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बांग्लादेश की आजादी (मुक्ति) में आंतरिक रूप से अहम भूमिका निभाने के कारण अगले माह ढाका में आयोजित होने वाले शेख मुजीबुर्रहमान शताब्दी समारोह के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विशेष आमंत्रितों की सूची में शामिल हैं। यह जानकारी ब्रिटेन में बांग्लादेश की उच्चायुक्त सईदा मुन्ना तसनीम ने दी है।

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तसनीम ने बताया कि बांग्लादेश में 17 मार्च को देश के संस्थापक शेख मुजीब की 100वीं जयंती पर जश्न मनाया जाएगा। शेख मुजीबुर्रहमान को बंग बंधु अथवा बंगाली राष्ट्रपिता के रूप में जाना जाता है। तसनीम ने एक इंटरव्यू में कहा कि पीएम मोदी शताब्दी समारोह में आमंत्रित विशिष्ट अतिथियों में से हैं जिनका बंगबंधु के घर वापसी के साथ आंतरिक संबंध भी है।

इस यात्रा का रोडमैप यह है कि वह पहली बार लंदन में रुके थे, जहां उसे आधिकारिक तौर पर बांग्लादेश के स्वतंत्र राज्य के अध्यक्ष के रूप में मान्यता दी गई थी और 10 डाउनिंग स्ट्रीट में द्विपक्षीय बैठकें हुई थीं। उच्चायुक्त ने कहा, भारत ने सार्वजनिक रूप से बंगबंधु की पाकिस्तान की कराची जेल से रिहाई में बेहद सक्रिय भूमिका निभाई और यह भी सुनिश्चित किया कि उन्हें किसी भी तरह से नुकसान नहीं पहुंचाया गया हो।

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कट्टरपंथियों ने किया विरोध, प्रदर्शनकारियों ने दी धमकी

शेख मुजीबुर्रहमान की 100वीं जयंती पर आयोजित समारोह में प्रधानमंत्री मोदी को विशेष अतिथि के रूप में बुलाने का बांग्लादेश के कट्टरपंथी विरोध कर रहे हैं। ढाका में मोदी के बुलावे को एक रैली निकालकर रद्द करने की मांग भी की गई। ढाका ट्रिब्यून के मुताबिक प्रदर्शनकारियों ने धमकी दी है कि यदि सरकार ने मोदी को भेजा आमंत्रण वापस नहीं लिया तो वे एयरपोर्ट पर मोदी के आने पर विरोध करेंगे।

बांग्लादेशी छात्रा को दिया था भारत छोड़ने का निर्देश, यह थी वजह

एक तरफ जहां बांग्लादेश प्रधानमंत्री मोदी को न्योता दे रहा है, वहीं दूसरी ओर भारत सरकार ने बीते बुधवार को ही बांग्लादेशी छात्रा को जल्द से जल्द अपने देश लौटने का निर्देश दिया है। दरअसल, विश्वभारती विश्वविद्यालय में पढ़ने वाली बांग्लादेश की छात्रा को भारत सरकार-विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में देश छोड़ने का निर्देश दिया गया है।

केंद्र सरकार ने इस संबंध में उसे नोटिस भी जारी किया है। कला संकाय की अफसारा अनिका मीम नामक छात्रा ने सीएए विरोधी प्रदर्शनों की तस्वीरें फेसबुक पर पोस्ट की थीं। बुधवार को जारी नोटिस में उसके सरकार विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का उल्लेख है। ऐसा करना भारतीय वीजा नियमों का उल्लंघन है। उसे नोटिस मिलने से 15 दिन के भीतर देश छोड़ने को कहा गया है।
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दक्षिणपंथियों के निशाने पर थी अफसारा

बांग्लादेश के कुश्टिया जिले की अफसारा ने 2018 में विश्वविद्यालय के बीए डिजाइन पाठ्यक्रम में दाखिला लिया। एसएफआई के एक सदस्य ने बताया, अफसारा ने दिसंबर में परिसर में सीएए विरोधी प्रदर्शनों के संबंध में फेसबुक पर कुछ पोस्ट साझा की थीं।

वह तभी से दक्षिणपंथियों के निशाने पर थी और उसे सोशल मीडिया पर ट्रोल किया जा रहा था। छात्रा ने इस मुद्दे पर बात करने से इनकार कर दिया। उसने बुधवार को कहा था कि कुछ लोगों के ट्रोल करने के बाद उसने अपना फेसबुक अकाउंट बंद कर दिया था। विश्व भारती प्रबंधन ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की। वहीं, छात्रा ने नोटिस पर पुनर्विचार की अपील की है।
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