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Foreign Ministry: 15 साल बाद बांग्लादेश-पाकिस्तान की विदेश सचिव स्तरीय वार्ता, व्यापार समेत अहम मुद्दों पर बात

Thu, 17 Apr 2025 03:28 PM IST
ज्योति भास्कर वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका / इस्लामाबाद

सार

पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री इशाक डार के बांग्लादेश दौरे से पहले दोनों देशों के विदेश सचिवों की बातचीत हुई। शीर्ष अधिकारियों की इस बातचीत में व्यापारिक रिश्तों के साथ-साथ द्विपक्षीय संबंधों पर बात हुई। 15 साल बाद हुई इस बातचीत को काफी अहम माना जा रहा है।
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बांग्लादेश और पाकिस्तान के बीच विदेश सचिव स्तर की वार्ता - फोटो : एएनआई / एक्स@amnabaloch4
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विस्तार
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पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच 15 साल के लंबे अंतराल के बाद विदेश सचिव स्तर की वार्ता हुई। गुरुवार को हुई इस बातचीत में विदेश मंत्रालय के सचिवों के बीच दोनों देशों के व्यापार संबंधों और द्विपक्षीय रिश्ते के अलग-अलग पहलुओं पर विस्तार से बातचीत हुई। यह मुलाकात और वार्ता इसलिए भी अहम है क्योंकि दोनों देशों के अधिकारियों की बातचीत पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार आने वाले दिनों में ढाका जाने वाले हैं। पिछली बार दोनों देशों के बीच विदेश कार्यालय परामर्श (FOC) 2010 में हुआ था।

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पाकिस्तानी विदेश सचिव का मोहम्मद यूनुस से भी मुलाकात का कार्यक्रम
शीर्ष अधिकारियों की बातचीत के संबंध में देश की सरकारी एजेंसी ने बयान जारी किया। बांग्लादेश संगबाद संस्था (बीएसएस) ने कहा, बांग्लादेश के विदेश सचिव जशीम उद्दीन और पाकिस्तान की विदेश सचिव आमना बलूच ने ढाका में आयोजित विदेश कार्यालय परामर्श (FOC) के दौरान विस्तार से बात की। बलूच बुधवार को ढाका पहुंची हैं। खबरों के मुताबिक बलूच बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस और विदेश मामलों के सलाहकार तौहीद हुसैन से शिष्टाचार भेंट भी करेंगी।

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पूर्व PM शेख हसीना के कार्यकाल में रिश्ते कड़वे हुए, अब पिघल रही बर्फ

2012 के बाद पहली बार कोई पाकिस्तानी विदेश मंत्री ढाका का दौरा करने वाला है। अप्रैल के अंतिम हफ्ते में इशाक डार की बांग्लादेश यात्रा प्रस्तावित है। इससे दोनों देशों के रिश्ते सुधरने की आशा है। साल 2010 में तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना के कार्यकाल में जब सरकार ने पाकिस्तानी सैनिकों के कट्टर सहयोगियों पर मुकदमा चलाना शुरू किया, तब दोनों देशों के रिश्तों में कड़वाहट घुल गई। हसीना ने जो मुकदमा शुरू किया वह बांग्लादेश के 1971 के मुक्ति संग्राम से जुड़ा है। अब 15 साल के बाद रिश्ते बेहतर होने लगे हैं। पिछले साल (2024) पांच अगस्त को छात्रों का विरोध बढ़ने के बाद हसीना को पद छोड़ना पड़ा था। इसके बाद फिलहाल मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार के दौर में दोनों देशों के संबंध सुधर रहे हैं।

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भारत की सख्ती के कारण बैकफुट पर बांग्लादेश

गौरतलब है कि भारत और बांग्लादेश के बीच रिश्तों की तल्खी के कारण पाकिस्तान की भूमिका अहम हो गई है। हाल ही में भारत ने ट्रांसशिपमेंट की सुविधा बंद कर दी है, जिससे बांग्लादेशी अर्थव्यवस्था को लेकर कई चिंताएं उपजने लगी हैं। बांग्लादेश को दी जानी वाली माल ट्रांसफर सुविधा (ट्रांस-शिपमेंट) वापस लेने से बांग्लादेश का भूटान, नेपाल और म्यांमार के साथ व्यापार बुरी तरह प्रभावित हो सकता है। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड ने बीते 8 अप्रैल को सर्कुलर जारी कर इस फैसले की जानकारी दी।

पाकिस्तान से पति के निर्वासन के खिलाफ पेशावर हाईकोर्ट पहुंची महिला
बांग्लादेश के साथ रिश्ते सुधारने से इतर पाकिस्तान की एक महिला से जुड़ी एक अन्य घटना भी चर्चा में रही। एक पेशावर में रहने वाली इस महिला की शादी अफगानिस्तान के नागरिक से हुई थी। महिला ने पेशावर हाईकोर्ट में याचिका दायर कर निर्वासन के खिलाफ अपील की। देश से निकाले जाने के खिलाफ अदालत पहुंची इस महिला ने दावा किया कि अफगान सिटिजन कार्ड (Afghan Citizen Cards) धारकों को देश से निकाले जाने की कार्रवाई गलत है। बता दें कि पाकिस्तान ने जनवरी में एलान किया था कि ACC धारकों को 31 मार्च तक देश छोड़ना होगा। ऐसा न करने पर उनके खिलाफ निर्वासन की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने एक अप्रैल को इससे जुड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है।

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