फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बांग्लादेश: खालिदा जिया की सेहत को लेकर अब आर-पार की लड़ाई

Wed, 01 Dec 2021 05:35 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका

सार

पर्यवेक्षकों का कहना है कि हाल में हुए छात्र परिषद चुनाव के नतीजों से बीएनपी का मनोबल बढ़ा है। फखरुल इस्लाम ने भी इस बात की चर्चा की है कि इन चुनावों में ज्यादातर यूनियनों में सत्ताधारी अवामी लीग की हार हुई है। उन्होंने इसे अवामी लीग की ताकत घटने का संकेत बताया...
विज्ञापन
खालीदा जिया - फोटो : Agency (File Photo)
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बांग्लादेश के प्रमुख विपक्षी दल बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने अपनी अध्यक्ष खालिदा जिया के स्वास्थ्य को एक बड़ा सियासी मुद्दा बना दिया है। शेख हसीना वाजेद के नेतृत्व वाली अवामी लीग सरकार इलाज के लिए खालिदा जिया को विदेश जाने की इजाजत देने से लगातार इनकार कर रही है। बीएनपी ने अब इस मुद्दे पर आंदोलन छेड़ने का एलान कर दिया है। पार्टी के महासचिव मिर्जा फखुरुल इस्लाम ने कहा है कि पार्टी के युवा कार्यकर्ता खालिदा जिया को विदेश जाने की इजाजत दिलाने के लिए अब सड़कों पर उतरेंगे।

पतन की ओर बढ़ रही हसीना वाजेद सरकार

फखरुल इस्लाम ने दावा किया है कि इस मुद्दे पर ‘असंवेदनशील’ रुख के कारण हसीना वाजेद सरकार अपने पतन की ओर बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि बीएनपी के युवा कार्यकर्ताओं ने अब इस सरकार को सत्ता से हटाने से संकल्प लिया है। उन्होंने कहा- इस सरकार को खालिदा जिया को रिहा करने के लिए मजबूर किया जाएगा। उसके बाद बीएनपी तटस्थ सरकार की देखरेख में नए चुनाव कराने और निर्वाचित सरकार बनाने के लिए अभियान छेड़ेगी।

विज्ञापन


पर्यवेक्षकों का कहना है कि हाल में हुए छात्र परिषद चुनाव के नतीजों से बीएनपी का मनोबल बढ़ा है। फखरुल इस्लाम ने भी इस बात की चर्चा की है कि इन चुनावों में ज्यादातर यूनियनों में सत्ताधारी अवामी लीग की हार हुई है। उन्होंने इसे अवामी लीग की ताकत घटने का संकेत बताया।

इस बीच बीएनपी के दूसरे नेताओं ने भी पार्टी कार्यकर्ताओं से ‘जन आंदोलन’ छेड़ देने का आह्वान किया है। पार्टी की ढाका नॉर्थ सिटी इकाई के प्रमुख अमन उल्लाह अमन ने एक बयान में कहा है- ‘देश की जनता ने 1952 से 1969 तक, फिर 1971 के स्वतंत्रता संग्राम में, और 1990 की तानाशाही विरोधी मुहिम में अपना खून बहाया था। अब इस दिसंबर-जनवरी में लोकतंत्र की बहाली की लड़ाई में भाग लेने के लिए सबको एकजुट हो जाना चाहिए।’

रैली में जुटी जबरदस्त भीड़

मंगलवार को बीएनपी ने ढाका स्थित अपने कार्यालय पर एक रैली का आयोजन किया। उस मौके पर नेताओं ने उत्तेजक भाषण दिए। ढाका से प्रकाशित अखबारों के मुताबिक रैली में उससे कहीं ज्यादा भीड़ जुटी, जितनी बीएनपी नेताओं को आशा थी। खबरों के मुताबिक बीएनपी ने मंगलवार को ही सभी डिविजन मुख्यालयों में भी रैली आयोजित की। इस दौरान खालिदा जिया की रिहाई और उन्हें विदेश जाने की इजाजत देने की मांग जोर-शोर से उठाई गई। पर्यवेक्षकों का कहना है कि इन रैलियों के साथ खालिदा जिया की सेहत के मुद्दे पर बीएनपी का आंदोलन शुरू हो चुका है।

विज्ञापन


इसके पहले सोमवार को अवामी लीग के महासचिव उबैदुल कादिर ने आरोप लगाया था कि खालिदा जिया की बीमारी के लिए खुद बीएनपी जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि पार्टी को अपनी नेता की सेहत की चिंता नहीं है। बल्कि इस मुद्दे पर वह राजनीति कर रही है। कादिर शेख हसीना सरकार में परिवहन और पुल मंत्री भी हैं। अवामी लीग का दावा है कि उसकी सरकार ने खालिदा जिया के इलाज के लिए हर संभव व्यवस्था की है। जबकि बीएनपी का कहना है कि खालिदा जिया का सही इलाज विदेश में ही हो सकता है।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें