बांग्लादेशी सांसद हत्याकांड इन दिनों विवादों में बना हुआ है। इस बीच बांग्लादेश के अधिकारियों का कहना है कि सांसद का शव न मिलने के कारण उन्हें परेशानी हो रही है। सोमवार को बांग्लादेश के एक अधिकारी ने बताया कि संसद सचिवालय और चुनाव आयोग अनवारुल अजीम अनार का शव न मिलने के कारण उनकी संसदीय सीट जेनाइदाह-4 को खाली घोषित नहीं कर पा रहा है।
संविधान विशेषज्ञ शाहदीन मलिक ने संवाददाताओं से कहा कि बांग्लादेश के कानून के अनुसार, यदि कोई संसदीय सीट किसी भी कारण से खाली होती है तो 90 दिनों के भीतर उपचुनाव कराने होते हैं। लेकिन शव न मिल पाने के कारण सीट को खाली घोषित करने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। संसद सचिवालय के वरिष्ठ सचिव केएम अब्दुस सलाम ने कहा कि स्पीकर शिरुन शर्मिन चौधरी कानूनी विशेषज्ञों और अन्य संबंधित लोगों के साथ परामर्श करेंगे, इसके बाद ही कोई निर्णय होने की उम्मीद है।
बांग्लादेश के अधिकारी पहुंचे कोलकाता
इलाज के लिए कोलकाता आए थे बांग्लादेशी सांसद
बांग्लादेशी सांसद इलाज के लिए कोलकाता आए थे। उप उच्चायोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सांसद अजीम 12 मई को कोलकाता पहुंचे थे और शहर के उत्तरी इलाके में बारानगर में अपने दोस्त के घर पर ठहरे थे। 13 मई को वह किसी से मिलने गए लेकिन वापस नहीं लौटे। मामले का खुलासा 18 मई को हुआ, जब बांग्लादेशी सांसद के परिचित गोपाल बिस्वास ने थाने में उनके लापता होने की जानकारी दी। अनार कोलकाता में बिस्वास के घर पर ही रुके थे। बिस्वास ने दावा किया कि सांसद 17 मई से उनके संपर्क में नहीं थे। इसलिए उन्होंने एक दिन बाद गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। उनके फोन से परिवार के सदस्यों को संदेश भेजे गए थे कि वह नई दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं। उनका कोई पता नहीं है।
हनी ट्रैप का मामला आया सामने
जांच से संकेत मिला कि बांग्लादेशी सांसद एक महिला द्वारा बिछाए गए 'हनी ट्रैप' में फंस गए, जो सांसद के दोस्त की भी करीबी थी। ऐसा लगता है कि महिला ने सांसद को न्यू टाउन के फ्लैट में जाने का प्रलोभन दिया था। हमें आशंका है कि वहां पहुंचते ही उनकी हत्या कर दी गई।