बांग्लादेश में नशीले पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंचे एक मंत्री को अपने ही कदम के कारण पद छोड़ना पड़ा है। राजधानी ढाका में संदिग्ध ड्रग ठिकाने पर पिस्तौल लेकर छापा मारने और लोगों को पकड़ने का वीडियो सामने आने के बाद विवाद खड़ा हो गया। प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने राज्य मंत्री इशराक हुसैन से इस्तीफा देने को कहा। इसके बाद सोमवार को हुसैन ने पद छोड़ने का ऐलान कर दिया। मंत्री ने अपनी कार्रवाई का बचाव किया, लेकिन पुलिस को पहले से सूचना नहीं देने का मामला भी सामने आया।
मंत्री ने पिस्तौल लेकर कहां और कैसे मारा था छापा?
39 वर्षीय इशराक हुसैन बांग्लादेश सरकार में मुक्ति संग्राम मामलों के राज्य मंत्री थे। उन्होंने शनिवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया था। इसमें वह एक गाड़ी से उतरते दिखाई दिए। उनके एक हाथ में मेगाफोन और दूसरे में पिस्तौल थी। उनके साथ सादे कपड़ों में कई लोग भी थे, जिनमें से कुछ के पास भी हथियार दिखाई दिए। वीडियो में हुसैन ढाका के गांदरिया रेलवे स्टेशन के पास एक झुग्गी बस्ती में लोगों के पीछे जाते और चिल्लाकर उन्हें पकड़ने के लिए कहते दिखे। उन्होंने वीडियो के साथ दावा किया था कि ड्रग ठिकानों को ध्वस्त कर आरोपियों को पुलिस के हवाले किया गया है। विवाद बढ़ने के बाद वीडियो हटा दिया गया।
प्रधानमंत्री ने मंत्री से इस्तीफा क्यों मांगा?
छापे के दौरान मंत्री और उनके साथ मौजूद लोगों की भूमिका पर सवाल उठने लगे। विवाद का मुख्य कारण यह था कि मंत्री ने खुद हथियार लेकर कार्रवाई की, जबकि पुलिस को इसकी पहले से जानकारी नहीं थी। बांग्लादेश के सरकारी टेलीविजन ने शनिवार को खबर दी थी कि प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने हुसैन से इस्तीफा मांगा है। शुरुआत में मंत्री ने इस खबर को फर्जी बताया था और इसे प्रकाशित करने वाले मीडिया संस्थानों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी थी। हालांकि, रविवार को मंत्रिमंडल की बैठक के बाद प्रधानमंत्री ने उन्हें बुलाकर पद छोड़ने को कहा। सोमवार को हुसैन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस्तीफे की घोषणा की।
पुलिस ने छापे और पकड़े गए लोगों को लेकर क्या बताया?
ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस के अतिरिक्त उपायुक्त मसूद राणा ने कहा कि राज्य मंत्री ने छापे से पहले पुलिस को कोई जानकारी नहीं दी थी। पुलिस को इस कार्रवाई का पता बाद में चला। गांदरिया थाने के प्रभारी मोनिरुज्जमान मोनिर के मुताबिक, मंत्री के साथ मौजूद लोगों ने छह से सात लोगों को पकड़ा और बाद में उन्हें स्थानीय थाने के हवाले कर दिया। पकड़े गए कुछ लोगों ने खुद को निर्दोष बताते हुए छोड़ने की गुहार भी लगाई थी। पुलिस ने बताया कि उनके पास से कुछ पाउडर बरामद हुआ है। उसकी जांच की जाएगी, ताकि पता चल सके कि वह नशीला पदार्थ है या नहीं। फिलहाल उपलब्ध जानकारी से यह साबित नहीं होता कि पकड़े गए सभी लोग नशीले पदार्थों के कारोबार में शामिल थे।
मंत्री ने अपने बचाव में क्या कहा और अब क्या करेंगे?
इस्तीफे से पहले हुसैन ने फेसबुक पर लिखा था कि उनका उद्देश्य मंत्री बने रहना नहीं, बल्कि नशीले पदार्थों का खात्मा करना है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने मीडिया की खबरों और उनके जरिए बनाए गए विमर्श की आलोचना की। उन्होंने कहा कि इस विवाद से उनकी पार्टी, सत्तारूढ़ बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी), को शर्मिंदगी उठानी पड़ी। हुसैन ने यह भी कहा कि उनके पास अपने हथियार का लाइसेंस है और वह उसे अपनी सुरक्षा के लिए लेकर गए थे। उन्होंने दावा किया कि अब वह अपने निर्वाचन क्षेत्र और दूसरे इलाकों में नशीले पदार्थों के खिलाफ अभियान चलाने के साथ लोगों की समस्याओं पर ध्यान देना चाहते हैं। हालांकि, इस मामले ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या किसी मंत्री को पुलिस को सूचना दिए बिना खुद हथियार लेकर छापा मारना चाहिए।