ढाका में बुधवार को तुराग नदी से बांग्लादेश वायु सेना के एक पूर्व अधिकारी का शव बरामद किया गया। उनके परिवार ने एक दिन पहले ही फ्लाइट लेफ्टिनेंट के लापता होने की सूचना दी थी। इसी बीच जमात-ए-इस्लामी के महासचिव मिया गुलाम ने पूर्व वायु सेना अधिकारी तहसीफ सौरी की मौत की निष्पक्ष जांच की मांग की। इसके साथ ही दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की अपील की
शव की पहचान कैसे हुई?
बांग्लादेशी मीडिया की खबरों के अनुसार, स्थानीय लोगों की ओर से इमरजेंसी कॉल किए जाने के बाद, फ्लाइट लेफ्टिनेंट तहसीफ सौरी का शव टोंगी बंदर घाट इलाके से बरामद किया गया। अधिकारी की पहचान उनके मोबाइल फोन और कलाई घड़ी मिलने के बाद हो सकी। 'डेली स्टार' से बातचीत में कांस्टेबल रकीब ने बताया कि मौत के कारण का अभी पता नहीं चल पाया है। यह जानकारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मिल सकेगी। 'प्रोथोम आलो' के मुताबिक, सौरी अपने परिवार के साथ उत्तरा के सेक्टर 18 स्थित एक फ्लैट में रहते थे।
शेख हसीना से क्या है कनेक्शन?
अगस्त 2024 में हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बीच, पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के ढाका से रवाना होने के एक वीडियो से कथित संबंध के कारण, सौरी की मौत की खबर पूरे बांग्लादेश में चर्चा का विषय बनी हुई है। 'डेली स्टार' के अनुसार, सौरी ने कथित तौर पर 5 अगस्त 2024 को हसीना के विमान से देश छोड़ने का वीडियो रिकॉर्ड किया था।
दो साल पहले, हसीना एक सैन्य हेलीकॉप्टर से ढाका से निकलीं और फिर बांग्लादेश वायु सेना के C-130J हरक्यूलिस विमान (कॉलसाइन AJAX1431) में सवार हुईं। बताया जाता है कि यह विमान उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित भारत के हिंडन एयरबेस पर पहुंचा था। अवामी लीग प्रमुख के ढाका से रवाना होने का वीडियो सोशल मीडिया और समाचार चैनलों पर तेजी से वायरल हो गया था।
परिवार ने क्या कहा?
मौत की पुष्टि होने के कुछ घंटों बाद, सौरी की चचेरी बहन मोशफेका जहां ने फेसबुक पर आरोप लगाया कि हसीना वाले वीडियो को लेकर उसे परेशान किया गया और फिर उसकी हत्या कर दी गई।उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, 'मेरे भाई की हत्या कर दी गई। उसका क्या कसूर था? क्या बस यही कि उसने हसीना के भागने का वीडियो शेयर कर दिया? उसने खुद तो वीडियो रिकॉर्ड भी नहीं किया था; उसने तो बस एक नागरिक के तौर पर इसे शेयर किया था। इसे तो उसके एक साथी अधिकारी ने रिकॉर्ड किया था।'
इसके साथ ही बांग्लादेश जमात-ए-इस्लामी के महासचिव और पूर्व सांसद मिया गुलाम पोरवार ने गुरुवार को जारी एक बयान किया। इसमें उन्होंने कहा कि बांग्लादेश वायु सेना के पूर्व फ्लाइट लेफ्टिनेंट तहसीफ सौरी का शव तुराग नदी से मिलने पर गहरी चिंता और भारी आक्रोश व्यक्त किया। साथ ही, उन्होंने दिवंगत तहसीफ सौरी की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और उनके शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की।
मिया गुलाम ने क्या कहा?
उन्होंने कहा कि एक पूर्व वायु सेना अधिकारी का शव नदी से मिलना बेहद चिंताजनक घटना है। ऐसी परिस्थितियों में एक पूर्व सैन्य अधिकारी की मौत ने कानून लागू करने वाली एजेंसियों और खुफिया सेवाओं की भूमिका पर जनता के बीच गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना के लिए जिम्मेदारी से बचने की कोई गुंजाइश नहीं है। एक पूर्व वायु सेना अधिकारी की मौत, कानून लागू करने वाली एजेंसियों और खुफिया सेवाओं की गंभीर विफलता और लापरवाही की ओर इशारा करती है।
खुफिया एजेंसियां को लेकर क्या बोला?
उन्होंने आगे कहा कि जो खुफिया एजेंसियां बांग्लादेश वायु सेना के एक पूर्व अधिकारी की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर सकतीं, वे विपक्षी नेताओं के बारे में बेतुकी, झूठी और मनगढ़ंत जानकारी फैलाकर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रही हैं। यह पूरी तरह से हास्यास्पद है।
'नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित बुनियादी जिम्मेदारी'
बयान में उन्होंने आगे कहा कि हर नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करना राज्य की बुनियादी जिम्मेदारी है। तहसीफ सौरी की मौत का असली कारण, इससे जुड़ी परिस्थितियां और क्या इसमें कोई शामिल था, इसका पता एक त्वरित, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के जरिए लगाया जाना चाहिए।
दोषियों को बिना किसी देरी के गिरफ्तार किया जाना चाहिए और उन्हें न्याय के कटघरे में लाया जाना चाहिए। अगर जांच में किसी अधिकारी या एजेंसी की लापरवाही या आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने के सबूत मिलते हैं, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जानी चाहिए।