तीन दिन बैंक का चक्कर काटने के बाद नहीं बदली किसान की नोट, लगाई फांसी
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साल 2012 में सऊदी के दूतावास कर्मचारी की ढाका में हत्या करने वाले सैफुल इस्लाम मामून को रविवार को फांसी दे दी गई। रविवार रात 10.01 बजे उपनगर काशिमपुर की अति सुरक्षित केंद्रीय जेल में सैफुल को फांसी पर लटकाया गया।
ढाका के पॉश गुलशन इलाके में छह मार्च 2012 को खलाफ अल अली (45) की उनके घर के पास गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी। जांच में यह पता चला कि मामला लूट-पाट का था लेकिन यह खून-खराबे में तब्दील हो गया। ढाका की एक त्वरित अदालत ने उसी साल दिसंबर में पांच बांग्लादेशी नागरिकों को हत्या के जुर्म में मौत की सजा सुनायी थी और चार को आरोप मुक्तकर दिया था।
मृत्युदंड के फैसले पर पुनर्विचार के लिये मामला बाद में उच्च न्यायालय के पास भेजा गया। हालांकि, बांग्लादेश के उच्चतम न्यायालय के शीर्ष अपीलीय खंड ने फैसले पर पुनर्विचार की मामून की याचिका को खारिज करते हुए 10 नवंबर को अपने फैसले में अली की हत्या के जुर्म में उसके मृत्युदंड को सही ठहराया।