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Bangladesh: 'हसीना के प्रत्यर्पण की मांग पर भारत से नहीं मिली कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया', मोहम्मद यूनुस का बयान

Wed, 05 Mar 2025 04:51 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका।

सार

Bangladesh: बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने कहा कि शेख हसीना के प्रत्यर्पण के लिए भारत को पत्र भेजे गए थे, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। उन्होंने कहा कि हसीना पर मानवता के खिलाफ अपराधों का आरोप है और उन्हें मुकदमे का सामना करना होगा।
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बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने कहा कि ढाका पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण के लिए भारत को औपचारिक पत्र भेजे थे, लेकिन नई दिल्ली से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली। सरकारी समाचार एजेंसी बीएसएस के मुताबिक, ब्रिटेन के एक समाचार चैनल के साथ इंटरव्यू में यूनुस ने कहा कि मानवता के खिलाफ अपराधों के लिए हसीना को मुकदमे का सामना करना होगा।  

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हसीना पिछले साल पांच अगस्त को भागकर भारत आ गई थीं, जब बांग्लादेश में छात्रों के नेतृत्व में बड़े आंदोलन हुए, जिन्होंने अवामी लीग के 16 साल के शासन को खत्म कर दिया। बांग्लादेश के अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (आईसीटी) ने मानवता के खिलाफ अपराध के लिए हसीना और कई पूर्व मंत्रियों, सलाहकारों और सैन्य व नागरिक अधिकारियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए हैं। 

नई दिल्ली से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली: यूनुस
यूनुस ने कहा कि केवल हसीना ही नहीं, बल्कि उनके साथ जुड़े सभी लोगों, उनके परिवार के सदस्यों और उनके सहयोगियों के खिलाफ मुकदमा चलाया जाएगा। बांग्लादेश ने उनके खिलाफ दो गिरफ्तारी वारंट जारी किए हैं। यूनुस ने कहा कि उन्होंने औपचारिक पत्र भेजे थे, लेकिन नई दिल्ली से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली। पिछले साल भारत ने बांग्लादेश के उच्चायोग से कूटनीति संचार मिलने की पुष्टि की थी, लेकिन इस पर टिप्पणी करने से परहेज किया। यूनुस ने जोर देकर कहा कि हसीना को अदालत का सामना करना होगा, चाहे वह शारीरिक रूप से बांग्लादेश में हों या न हों।  
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हसीना पर सैकड़ों कार्यकर्ताओं के अपहरण, उत्पीड़न और हत्या के लिए कथित तौर पर सुरक्षा बलों और पुलिस का उपयोग करने का आरोप है। हालांकि, वह इन आरोपों से इनकार करती हैं और कहती हैं कि उन्हें राजनीति के लिए निशाना बनाया जा रहा है।

हसीना के खिलाफ आंदोलन में मारे गए 1,400 लोग: संयुक्त राष्ट्र
पूर्व प्रधानमंत्री हसीना, सेना और पुलिस पर जुलाई और अगस्त में प्रदर्शनकारियो के खिलाफ हिंसक कार्रवाई करने का आरोप है। संयुक्त राष्ट्र का अनुमान है कि हसीना के भारत भागने से पहले के दिनों में करीब 1,400 लोग मारे गए थे। यूनुस ने आठ अगस्त मुख्य सलाहकार का पदभार संभाला था। उन्होंने पहले दावा किया था कि हसीना सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान करीब 1,500 लोग मारे गए, जिनमें छात्र और श्रमिक शामिल थे। जबकि 19,931 घायल हुए थे। 
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