बांग्लादेश में वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर कपड़ा उद्योग के हजारों मजदूर सड़कों पर उतर आए। रविवार को राजधानी ढाका और आसपास के औद्योगिक इलाकों में प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के वाहन और चौकी में आग लगा दी। कई जगह पुलिस पर पत्थरबाजी भी की गई। इसके बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले, पानी की बौछार और साउंड ग्रेनेड का इस्तेमाल किया। इस हिंसा में कम से कम 50 लोग घायल हुए हैं, जिनमें करीब 15 पुलिसकर्मी शामिल हैं। बढ़ते तनाव को देखते हुए सरकार ने वेतन बोर्ड बनाने का एलान किया है।
30 हजार टका न्यूनतम वेतन की मांग
प्रदर्शन कर रहे मजदूरों की मांग है कि उनका न्यूनतम मासिक वेतन बढ़ाकर 30 हजार बांग्लादेशी टका (करीब 23 हजार भारतीय रुपये) किया जाए। मजदूरों ने ढाका के मीरपुर, अशुलिया और गाजीपुर के औद्योगिक इलाकों में प्रदर्शन किया।
गाजीपुर में प्रदर्शनकारियों ने ढाका-टांगाइल हाईवे जाम कर दिया। कुछ प्रदर्शनकारी हाथों में डंडे लेकर सड़क पर उतर आए। कई जगह पुलिस और मजदूरों के बीच झड़प हुई। हालात बिगड़ने पर अर्धसैनिक बल बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश की पांच टुकड़ियां तैनात की गईं।
सरकार ने बनाया वेतन बोर्ड
बढ़ते विरोध के बीच श्रम एवं रोजगार मंत्री आरिफुल हक चौधरी ने वेतन बोर्ड बनाने की घोषणा की। इस बोर्ड की अध्यक्षता वरिष्ठ जिला एवं सत्र न्यायाधीश शेख अशफाकुर रहमान करेंगे। बोर्ड का काम मौजूदा वेतन व्यवस्था की समीक्षा करना और मजदूरों की मांगों पर विचार करना होगा।
बोर्ड में मजदूर संगठनों के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया है। मंत्री ने प्रदर्शन कर रहे मजदूरों से काम पर लौटने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार को उम्मीद है कि बोर्ड जल्द बैठक करके इस मामले में आगे की कार्रवाई करेगा।
प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने बुलाई आपात बैठक
प्रदर्शन और हिंसा को देखते हुए प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने रविवार शाम गृह मंत्री, श्रम मंत्री और कई अन्य मंत्रियों के साथ आपात बैठक की। बैठक में बिगड़ते हालात और मजदूरों की मांगों पर चर्चा की गई। इस बीच ढाका मेट्रो रेल सेवाओं और सड़क यातायात पर भी असर पड़ा। मीरपुर इलाके और ढाका-टांगाइल हाईवे पर कई घंटों तक आवागमन प्रभावित रहा।
अवामी लीग के 11 नेता और कार्यकर्ता गिरफ्तार
ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की प्रतिबंधित पार्टी अवामी लीग के 11 नेताओं और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है। पुलिस का आरोप है कि ये लोग मजदूरों के वेतन बढ़ाने के आंदोलन की आड़ में तोड़फोड़ और हिंसा फैलाने में शामिल थे।
पुलिस की खुफिया शाखा के अधिकारी मोहम्मद रकीब खान ने कहा कि आम मजदूरों को ढाल बनाकर कुछ लोग हिंसक गतिविधियों को अंजाम देने की कोशिश कर रहे हैं। पुलिस अन्य संदिग्धों की पहचान करने में जुटी है।
बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था में अहम है कपड़ा उद्योग
बांग्लादेश का कपड़ा उद्योग देश की अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा है। यहां करीब 4,000 पंजीकृत कपड़ा कारखाने हैं, जिनमें 40 लाख से ज्यादा लोग काम करते हैं। बांग्लादेश गारमेंट मैन्युफैक्चरर्स एंड एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में देश से 38.70 अरब डॉलर के कपड़ों का निर्यात हुआ। चीन के बाद बांग्लादेश दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा कपड़ा निर्यातक देश है। यहां बने कपड़े 150 से ज्यादा देशों में भेजे जाते हैं।