बांग्लादेश चुनाव आयोग ने मंगलवार को कहा कि फरवरी में होने वाले 13वें आम चुनाव के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और अगले दो दिनों में चुनाव कार्यक्रम जारी किया जाएगा। मुख्य चुनाव आयुक्त एएमएम नासिर उद्दीन जल्द ही राष्ट्र को संबोधित कर औपचारिक घोषणा करेंगे। चुनाव आयुक्त अब्दुर रहमानेल मसूद ने बताया कि राष्ट्रपति मोहम्मद शाहाबुद्दीन से बैठक के बाद शेड्यूल को अंतिम रूप दिया जाएगा। यह बैठक बुधवार को राष्ट्रपति भवन बंगाभवन में होनी है।
बीएनपी सबसे आगे, अवामी लीग मैदान से बाहर
इस बार राजनीतिक समीकरण खासतौर पर बदल गए हैं। पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की बीएनपी मुख्य दावेदार के रूप में उभरी है। उसका मुकाबला जमात-ए-इस्लामी और अन्य दक्षिणपंथी सहयोगियों से है। सत्ता से बेदखल हुई शेख हसीना की अवामी लीग को प्रतिबंधित किया जा चुका है और उसके अधिकांश वरिष्ठ नेता जेल में हैं या फरार हैं। पिछले महीने एक विशेष ट्रिब्यूनल ने हसीना को मानवता के खिलाफ अपराध के मामले में मौत की सजा सुनाई थी। वे फिलहाल भारत में हैं।
शांतिपूर्ण चुनाव का लक्ष्य
चुनाव आयोग का कहना है कि सभी राजनीतिक दलों का सहयोग सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा ताकि देश में शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव कराए जा सकें। बांग्लादेश में आने वाले चुनाव न केवल राजनीतिक रूप से अहम हैं, बल्कि देश के भविष्य की दिशा तय करने वाले माने जा रहे हैं।
चुनाव प्रतीकों पर भी कड़ा रुख
आयुक्त मसूद ने संकेत दिया कि प्रतिबंधित या निलंबित दलों के चुनाव चिह्न पोस्टल बैलेट में शामिल नहीं होंगे। माना जा रहा है कि इसका सीधा असर अवामी लीग पर पड़ेगा।
बीएनपी-जमात के बीच चुनावी तनाव बढ़ा
इसी बीच, सिराजगंज-1 सीट पर बीएनपी और जमात-ए-इस्लामी के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प में 15 जमात समर्थक घायल हो गए। बीएनपी ने इसमें किसी भी भूमिका से इनकार किया है और स्थानीय लोगों को इसके लिए जिम्मेदार बताया है।