बांग्लादेश की राजधानी ढाका में स्थनीय अखबार प्रोथोम अलो के कार्यालय पर बृहस्पतिवार देर रात प्रदर्शनकारियों ने हमला किया, जिससे पत्रकारों की जान खतरे में पड़ गई। प्रोथोम आलो के कार्यकारी संपादक सज्जाद शरीफ ने बताया कि यह हमला पिछले साल के आंदोलन के प्रमुख शख्स शरिफ उस्मान हादी की हत्या के बाद गुस्से में हुई हिंसा का परिणाम था।
उन्होंने कहा कुछ बदमाशों ने हमारे मीडिया कार्यालय को नुकसान पहुंचाया। कल रात जब हमारे पत्रकार अगले दिन के अखबार और ऑनलाइन सामग्री पर काम कर रहे थे, तब यह दुखद घटना हुई। पत्रकार डर के मारे कार्यालय छोड़ने पर मजबूर हो गए। सज्जाद शरीफ ने यह भी बताया कि इस घटना के कारण प्रोथोम आलो का आज का प्रिंट संस्करण प्रकाशित नहीं हो सका और ऑनलाइन वेबसाइट भी रात से बंद है। 1998 में स्थापना के बाद यह पहली बार है जब अखबार प्रकाशित नहीं हुआ। उन्होंने इसे पत्रकारिता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बताया और सरकार से अपील की कि दोषियों को खोजकर कानून के तहत कार्रवाई की जाए।
कमजोर शासन का फायदा उठा रहे हैं चरमपंथी- पूर्व उच्चायुक्त
पूर्व भारतीय उच्चायुक्त पिनाक रंजन चक्रवर्ती ने बांग्लादेश में जारी प्रदर्शनों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि वहां शासन काफी कमजोर है, जिसका फायदा कुछ चरमपंथी, अपराधी और इस्लामिक ताकतें उठा रही हैं।
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हादी की हत्या के बाद देशभर में हिंसा
गौरतलब है कि हादी की मौत के बाद बांग्लादेश में लोगों का गुस्सा फूटा। कई जगहों पर मीडिया हाउस, सांस्कृतिक केंद्र और यहां तक कि शेख मुजीबुर रहमान का घर भी आग के हवाले कर दिया गया। इस घटना ने बांग्लादेश में राजनीतिक और सामाजिक तनाव को और बढ़ा दिया है। हालांकि सुरक्षा एजेंसियां स्थिति को काबू में करने की कोशिश कर रही हैं।
कौन था उस्मान हादी?
शरीफ उस्मान हादी बीते साल बांग्लादेश में हुए शेख हसीना के तख्तापलट के बाद बने इंकलाब मंच के प्रवक्ता थे। अगले साल होने वाले राष्ट्रीय चुनाव में उस्मान हादी भी उम्मीदवार थे। बीती 12 दिसंबर को ढाका में चुनाव प्रचार के दौरान नकाबपोश हमलावरों ने उनके सिर में गोली मार दी थी।