बांग्लादेश की पूर्व पीएम खालिदा जिया
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बांग्लादेश की शीर्ष राजनीतिक पार्टी बीएनपी के एक बड़े नेता ने कहा है कि वे भारत के साथ अच्छे संबंध रखना चाहते हैं। बीएनपी नेता और पार्टी के कानूनी मामलों के सचिव केसर कमाल ने कहा कि 'बीएनपी एक ऐसी पार्टी है, जो सभी के साथ दोस्ती करने और किसी से दुश्मनी न करने में यकीन रखती है। यही हमारी विचारधारा है, जिसे पूर्व राष्ट्रपति शहीद जियाउर रहमान ने पेश किया था। भारत हमारा बड़ा पड़ोसी है, इसलिए बीएनपी, गरिमा, दोस्ती और एकता को बनाए रखते हुए सभी के साथ मिलकर काम करना चाहेगी।'
बीएनपी को उम्मीद- निष्पक्ष चुनाव कराएगी अंतरिम सरकार
न्यूज एजेंसी एएनआई के साथ बातचीत में केसर कमाल ने कहा कि बेशक बांग्लादेश में अभी राजनीतिक पार्टियों के बीच आपसी मतभेद हैं, लेकिन उन्हें उम्मीद जताई कि मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार देश में मुक्त, निष्पक्ष और समावेशी चुनाव कराने में सफल रहेगी। केसर कमाल ने कहा '5 अगस्त को शेख हसीना के देश छोड़कर जाने के बाद मोहम्मद यूनुस सभी राजनीतिक पार्टियों के सहयोग से सरकार चला रहे हैं। सभी पार्टियों ने एकराय होकर मोहम्मद यूनुस से अंतरिम सरकार का नेतृत्व करने की अपील की थी। बीएनपी को विश्वास है कि अंतरिम सरकार निष्पक्ष और मुक्त चुनाव कराने में सफल होगी।'
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'बहु-राजनीतिक पार्टी व्यवस्था में यकीन'
बीएनपी नेता ने ये भी कहा कि उनकी पार्टी बहु-राजनीतिक पार्टी व्यवस्था में यकीन करती है। उन्होंने कहा कि अभी अवामी लीग स्थगित चल रही है और ये कार्यकारी सरकार का फैसला है, लेकिन एक राजनीतिक पार्टी होने के नाते बीएनपी हमेशा से बहु-राजनीतिक पार्टी व्यवस्था और लोकतंत्र में यकीन रखती है।' पूर्व पीएम और बीएनपी नेता खालिदा जिया के स्वास्थ्य को लेकर केसर कमाल ने कहा कि 'बेगम खालिदा जिया के नेतृत्व में बीएनपी न सिर्फ देश में बल्कि पूरे महाद्वीप में सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टियों में से एक बनी। हालांकि उनकी सेहत पर डॉक्टर ही बेहतर बता सकेंगे।'
'अवामी लीग की सरकार में अल्पसंख्यकों पर हुआ ज्यादा अत्याचार'
बीएनपी ने ये भी कहा कि पूर्व पीएम शेख हसीना को बांग्लादेश आकर न्याय का सामना करना चाहिए। उन पर विरोध प्रदर्शन के दौरान दो हजार मासूमों को मरवाने का आरोप है। उन्होंने ये भी कहा कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर अत्याचार का मुद्दा उठाया जा रहा है, लेकिन हिंदुओं पर अवामी लीग की सरकार में ज्यादा अत्याचार हुए। हिंदुओं पर हमले की घटनाओं पर उन्होंने कहा कि अवामी लीग के नेता या समर्थक होने के नाते उन पर हमले हुए और इसमें हिंदू मुस्लिम का कोण नहीं है।