बांग्लादेश की नई बीएनपी नेतृत्व वाली सरकार ने बढ़ती जन हिंसा, अलौकिक हत्याओं और अल्पसंख्यक समुदाय पर हमलों के बीच सरकार ने कानून-व्यवस्था सुधार को अपनी शीर्ष प्राथमिकता घोषित की है।
बांग्लादेश की नई बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) नेतृत्व वाली सरकार ने देश में बढ़ती मॉब हिंसा, हत्याओं और अल्पसंख्यक समुदायों पर हमलों को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि मॉब कल्चर किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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सरकार के वरिष्ठ मंत्री और बीएनपी महासचिव मिर्ज़ा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने कहा कि कानून-व्यवस्था बहाली सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रशासन मॉब हिंसा पर काबू पाने के लिए ठोस कदम उठाएगा।
180 दिन की कार्ययोजना तैयार
प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने बुधवार को नवगठित मंत्रिमंडल की पहली बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में 180 दिनों की प्राथमिकता योजना तय की गई, जिसमें आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर नियंत्रण, कानून-व्यवस्था सुधार और आपूर्ति श्रृंखला को स्थिर करना शामिल है। गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने भी कहा कि मॉब संस्कृति को किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
हाल के महीनों में बढ़ी हिंसा
पिछले कुछ महीनों में बांग्लादेश में मॉब लिंचिंग और भीड़ द्वारा हमलों की घटनाएं बढ़ी हैं। मानवाधिकार संगठनों के अनुसार जनवरी 2026 में ही 21 लिंचिंग और 28 भीड़ हमलों की घटनाएं दर्ज की गईं। अल्पसंख्यक समुदायों, विशेषकर हिंदू समुदाय, पर हमलों के कई मामले सामने आए हैं। विभिन्न रिपोर्टों में 2025 के दौरान सैकड़ों सांप्रदायिक हमलों, हत्याओं और मंदिरों में तोड़फोड़ की घटनाओं का उल्लेख किया गया है। देश में राजनीतिक उथल-पुथल के बाद पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार के पतन के बाद हालात बदले। अंतरिम शासन के दौरान भी हिंसा और हमलों की घटनाएं सामने आईं।