बांग्लादेश के प्रधानमंत्री के सूचना सलाहकार जाहेद उर रहमान ने मंगलवार को कहा कि अब भंग की जा चुकी अवामी लीग के साथ सुलह की पहल करना कोई बुरा विचार नहीं है। हालांकि, उन्होंने कहा कि ऐसी प्रक्रिया शुरू करने के लिए पार्टी के नेतृत्व को अपने कार्यों की जिम्मेदारी स्वीकार करनी होगी।
ढाका में एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान उन्होंने कहा कि अवामी लीग के सक्रिय कार्यकर्ताओं और समर्थकों के साथ सुलह की पहल की जा सकती है। उनके मुताबिक, अगर कोई मध्यस्थ इस दिशा में पहल करना चाहता है और इसे उचित मानता है, तो सरकार भी इसे एक सकारात्मक विचार मानती है।
क्या होगी बांग्लादेश सरकार और अवामी लीग में सुलह?
जाहेद ने कहा कि मध्यस्थों को अवामी लीग से संपर्क करना चाहिए। सुलह की प्रक्रिया शुरू करने के लिए जरूरी आधार पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के साथ बातचीत के जरिए तैयार किया जाना चाहिए। अगर यह आधार सुनिश्चित हो जाता है, तो आगे इस विषय पर चर्चा की जा सकती है। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि वह किस व्यक्ति या समूह को मध्यस्थ के तौर पर संदर्भित कर रहे थे।
जाहेद ने कहा कि फिलहाल सुलह के लिए जरूरी बुनियादी परिस्थितियां मौजूद नहीं हैं। उनके अनुसार, अवामी लीग के शीर्ष नेतृत्व ने अपने कार्यों को लेकर अब तक कोई पश्चाताप नहीं दिखाया है। उनका यह संदर्भ 2024 में तत्कालीन अवामी लीग सरकार के खिलाफ हुए व्यापक प्रदर्शनों के दौरान की गई कार्रवाई से जुड़ा था। इन प्रदर्शनों के बाद शेख हसीना के नेतृत्व वाली सरकार सत्ता से बाहर हो गई थी और हसीना भारत चली गई थीं।
शेख हसीना ने किया था बांग्लादेश लौटने का एलान
इसके बाद मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार ने करीब 18 महीने तक देश का शासन संभाला। अंतरिम प्रशासन और मौजूदा सरकार की ओर से हसीना को बांग्लादेश वापस लाने की मांग भी की जाती रही है। अगस्त में हसीना ने कहा था कि वह कानूनी प्रक्रिया का सामना करने के लिए स्वेच्छा से बांग्लादेश लौटेंगी। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय और भारतीय मीडिया के साथ कई बातचीत में भी उन्होंने इसी रुख को दोहराया।
2024 के राजनीतिक बदलाव के बाद बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने सार्वजनिक रूप से अवामी लीग को राजनीतिक रूप से अप्रासंगिक बताया था। उनका कहना था कि पार्टी के वरिष्ठ नेता देश में या तो फरार हैं या जेल में हैं। जाहेद ने 23 जून को एक संवाददाता सम्मेलन में भी अवामी लीग की वापसी को लेकर कड़ा रुख जताया था। तब उन्होंने कहा था कि पार्टी की वापसी के लिए लोगों की याददाश्त मिटानी पड़ेगी और सब कुछ भुलाना पड़ेगा।
बांग्लादेशी राजनीति से बाहर हुई अवामी लीग
प्रधानमंत्री तारिक रहमान भी कई मौकों पर कह चुके हैं कि अवामी लीग ने खुद को देश के भविष्य के लोकतांत्रिक राजनीतिक परिदृश्य से बाहर कर लिया है। वहीं, बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के कार्यवाहक महासचिव रुहुल कबीर रिजवी लगातार यह कहते रहे हैं कि अवामी लीग ने खुद को इतिहास के कूड़ेदान में डाल दिया है।
हालिया बयान में जाहेद का रुख पहले के बयानों की तुलना में सुलह की संभावना के लिए अधिक खुला दिखाई दिया। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि इसके लिए अवामी लीग के शीर्ष नेतृत्व की ओर से जिम्मेदारी स्वीकार करना और अपने रवैये में बदलाव दिखाना जरूरी होगा।