बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हमले की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं और बांग्लादेश की सरकार मूकदर्शक बनकर चुपचाप ये सब देख रही है। ताजा मामले में एक हिंदू शिक्ष के घर में आग लगा दी गई। इससे पहले भी ऐसी ही कई घटनाएं हो चुकी हैं।
बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हमले की घटनाएं नहीं थम रही हैं और कट्टरपंथी खुलेआम हिंदुओं को निशाना बना रहे हैं। ताजा मामले में एक हिंदू शिक्षक के घर में आग लगा दी गई। घटना बांग्लादेश के सिलहट जिले के गोवाइनघाट इलाके की है। जहां शिक्षक बिरेंद्र कुमार के घर को आग के हवाले कर दिया गया।
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घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। हालांकि गनीमत रही की इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। घटना के बाद पीड़ित परिवार और स्थानीय हिंदू समुदाय बेहद डरा हुआ है। वीडियो में दिख रहा है कि आग लगने पर शिक्षका परिवार बाहर निकलने की कोशिश कर रहा है। अभी तक साफ नहीं हो सका है कि आग किसने लगाई और क्यों लगाई? मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कट्टरपंथियों ने ही हिंदू शिक्षक के घर आग लगाई।
बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले की घटनाएं आम हुईं
हिंदू अल्पसंख्यकों के घरों में आगजनी की यह कोई पहली घटना नहीं है बल्कि बीते पांच दिनों में ऐसी छह घटनाएं हो चुकी हैं, जहां हिंदुओं के घरों को आग लगा दी गई।
बीते दिसंबर माह में भी चटगांव में कट्टरपंथियों ने घरों के दरवाजे बाहर से बंद करके दो हिंदू परिवारों के घरों में आग लगा दी। इस घटना में दोनों परिवारों के लोग बाल-बाल बचे थे।
इस हफ्ते की शुरुआत में ही बांग्लादेश के फेनी जिले में एक अन्य हिंदू व्यक्ति की चाकू घोंपकर हत्या कर दी गई थी। पीड़ित युवक एक ऑटो रिक्शा चालक था, जिसकी पहचान समीर दास के रूप में हुई थी। पुलिस ने उसका शव एक खेत से बरामद किया था।
बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार के सत्ता से बेदखल होने और मोहम्मद यूनुस सरकार के सत्ता में आने के बाद से हिंदुओं पर हमले की घटनाएं बहुत बढ़ गई हैं। हाल के दिनों में कई हिंदू युवकों की हत्याएं हुई हैं।
बीते दिसंबर में ईशनिंदा के आरोप में एक हिंदू युवक की भीड़ ने पीट-पीटकर बेरहमी से हत्या कर दी थी। इन घटनाओँ को लेकर बांग्लादेश का हिंदू समुदाय बुरी तरह से डरा हुआ है।