बांग्लादेश ने रविवार को रूस से आग्रह किया कि अमेरिका द्वारा प्रतिबंधित जहाजों के जरिये उसे माल नहीं भेजा जाए। इसके साथ ही विदेश मंत्री डॉ एके अब्दुल मोमन ने इस बात पर भी जोर दिया है कि ढाका नहीं चाहता कि वाशिंगटन के साथ उसके संबंध प्रभावित हों। विदेश मंत्री ने राजधानी में कहा कि हमने रूस से कहा है कि वे प्रतिबंधित जहाजों को छोड़कर अपने किसी भी जहाज के माध्यम से हमें कार्गो भेज सकते हैं।
दरअसल, पिछले महीने बांग्लादेश के रूपपुर परमाणु ऊर्जा संयंत्र के लिए मॉस्को ने एक जहाज के जरिए उपकरण भेजे थे। जिसे बांग्लादेश ने अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण स्वीकार करने से मना कर दिया था। इस परमाणु ऊर्जा संयंत्र को रूस की सहायता से ही बनाया जा रहा है। इस मामले के कई सप्ताह बाद बांग्लादेश की तरफ से यह टिप्पणी आई है।
मोमन ने कहा कि यह आश्चर्य की बात है कि रूस ने एक जहाज का नाम बदल दिया। हमें इसकी उम्मीद नहीं थी। अब, हम उम्मीद करते हैं कि रूस गैर-मंजूरी वाले जहाज नहीं भेजेगा। हम उन (रूसी) जहाजों को स्वीकार नहीं करना चाहते हैं जिन पर अमेरिका ने प्रतिबंध लगा रखे हैं। उन्होंने कहा कि हमने अमेरिका के साथ अच्छे संबंध बनाए हैं और उन्हें खराब करना नहीं चाहते।
दरअसल, रूस के जहाज स्पार्टा III कार्गो को उतारने के लिए 24 दिसंबर को बांग्लादेश के दक्षिण-पश्चिमी मोंगला बंदरगाह पर डॉक करने के लिए निर्धारित किया गया था, लेकिन ढाका ने इसके डॉकिंग से इनकार कर दिया था। इससे पहले, विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया था ढाका में अमेरिकी दूतावास द्वारा बांग्लादेश के अधिकारियों को लिखे पत्र में जहाज को वास्तव में उर्सा मेजर बताया गया था। जो अमेरिका द्वारा प्रतिबंधित जहाजों की सूची में है।
दरअसल, यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद से अमेरिका के नेतृत्व में पश्चिमी देशों ने रूस पर तमाम तरह के प्रतिबंध लगा रखे हैं। 69 प्रतिबंधित रूसी जहाजों पर लगाए गए प्रतिबंध भी इसी कार्रवाई का हिस्सा हैं। अमेरिका के अनुसार, URSA MAJOR या स्पार्टा III एक हमला कार्गो जहाज (AKA) है। इसे उपकरण, कार्गो और सैनिकों को ले जाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।